शिमला। चंबा के काशम को मरे करीब एक साल हो गए हैं। काशम का पूरे रीति रिवाज से लाश को सुपुर्द-ए-खाक भी कर दिया गया था । लेकिन एक साल बाद एक मौलवी के दावा के कारण काशम से उसके कब्र की शांति छिन लिया।
घटना 8 जुलाई 2012 की है। काशम की मौत बिजली की करंट लगने के कराण हो गई थी। मौत के बाद उसके परिजनों ने उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। कुछ दिन पूर्व तक सबकुछ ठीक चल रहा था। लेकिन कुछ दिन पहले...
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