शिमला। राज्य आपूर्ति निगम घाटे में चल रहे डिपो को बंद नहीं करेगा। बंद न कर इन्हें आम लोगों को दिया जाएगा। इन डिपो में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के सामान के अलावा ओपन मार्केट का सामान भी बेचा जा सकेगा।
डिपुओं को घाटे से उबारने के लिए सरकार ने ये फैसला लिया है। लोगों की सुविधा का ख्याल रखते हुए सरकार इन्हें उन लोगों को सौंपेगी जो डिपो लेने का इच्छुक होगा और डिपुओं को लेने के लिए आवेदन करेगा। सरकार डिपुओं का आबंटन डिपो को लेकर जारी की गई नई अधिसूचना के तहत करेगी।
120 डिपो घाटे में
राज्य आपूर्ति निगम के हिमाचल में 120 डिपो हैं। सभी घाटे में चल रहे हैं। सरकार और निगम को इन्हें चलाने में सालना दो करोड़ का घाटा उठाना पड़ रहा है। निगम का आधा पैसा डिपो धारकों की तनख्वाह पर खर्च हो रहा है। घाटे का जा दूसरा बड़ा कारण बताया जा रहा है वह दुकानों का किराया भी है जिसे राज्य आपूर्ति निगम को हर महीने वहन करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ इन डिपुओं की आय न के बराबर बताई जा रही है। अब निगम ये घाटा और उठाने स्थिति में नहीं है। सरकार डिपुओं को बंद न कर लोगों को देगी ताकि डिपो भी चलता रहे और इनसे लोगों का रोजगार भी जुड़ा रहे।
डिपो आबंटन में महिलाओं को तरजीह
डिपो के आबंटन में अब सरकार ने महिलाओं को तवज्जो देगी। प्रदेश में वह जरूरतमंद महिलाएं और लोग जो डिपो खोल कर रोजगार चलाना चाहते हैं वे सरकार के इस फैसले के बाद निगम के डिपुओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद ये उनकी जिम्मेवारी रहेगी कि वे इन डिपुओं काे कैसे चलाते हैं। निगम ने ये कदम लगातार घाटे के कारण उठाया है।