शिमला। एचपी यूनिवर्सिटी सहित कॉलेजों में पूर्ण शिक्षा बंद का व्यापक असर रहा है। कई छात्र घर से ही कक्षाएं लगाने नहीं आए। ऐसे में कैंपस पूरी तरह से वीरान रहा। जिन कॉलेजों में कक्षाएं लग रही थी, वहां भी छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसका बहिष्कार किया। कई कॉलेजों में शिक्षकों और छात्रों के बीच कक्षाएं लगाने को लेकर हल्की नोक झोंक भी हुई है।
छात्र एकता मंच की ओर से किसी भी छात्र को कैंपस में कक्षाएं नहीं लगाने दी गई। कॉलेजों में सुबह 10 बजे ही छात्र संगठन एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता कैंपस के मुख्य गेट के सामने खड़े हुए। उन्होंने छात्रों से कक्षाओं में न जाने की अपील की। एबीवीपी के प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा और एसएफआई के सचिव मुनीश शर्मा का कहना है कि वह कक्षाएं बंद करवाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन प्रशासन की मनमानी के कारण उन्हें इस तरह का कदम उठाना पड़ा है।
कैंपस में अभी भी तनाव
एचपीयू सहित कॉलेज कैंपस में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। कैंपस में शैक्षणिक माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था तो कड़ी कर दी गई है, लेकिन माहौल को सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। आगामी दिनों में यदि इसी तरह का माहौल रहा तो कैंपस में छात्रों की पढ़ाई ठप हो जाएगी। एचपीयू परिसर मंगलवार को भी पुलिस के पहरे में रहा। चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा पुलिस के त्वरित प्रतिक्रिया वाहन भी कैंपस में लाए गए थे। पहली बार कैंपस परीक्षा फार्म भरने अाने वाले छात्र सहमे हुए नजर आए।
टीचिंग के 90 दिन नहीं तो सेमेस्टर रद्द
एचपीयू सहित कॉलेजों में फीस वृद्धि पर विरोध का सामना कर रहे प्रशासन को अब टीचिंग डे पूरा करना मुश्किल हो गया है। कॉलेजों में प्रथम वर्ष के छात्रों का तीसरा सेमेस्टर चल रहा है। वहीं, पीजी में भी अलग-अलग विषय की कक्षाएं चल रही है। अब छात्रों के विरोध के चलते पूर्णं शिक्षा बंद है। ऐसे में कक्षाएं नहीं लग रही है। प्रशासन की ओर से आदेश जारी किए गए है कि हर छात्र को 75 फीसदी कक्षाओं में उपस्थिति अनिवार्य है, कक्षाएं न लगने के कारण कैसे हाजरी पूरी होगी। वहीं, एक सेमेस्टर में टीचिंग डे 90 दिन का होता है, इन्हें पूरा सिलेबस करने में भी शिक्षकों को अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रूसा में पहले से ही हरेक विषय का सिलेबस काफी ज्यादा है। ऐसे में इसे समय रहते पूरा करना मुश्किल होता है। एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी पहले ही साफ कर चुके है कि यदि कोई छात्र संगठन का प्रतिनिधि कक्षाएं रोकने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो- शिमला में मंगलवार को संजौली कॉलेज में फीस वृद्धि के विराेध में प्रदर्शन करते स्टूडेंटस।