सोलन। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने फीस बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों को बातचीत का ऑफर दिया है। कुलपति ने कहा कि छात्र संगठन किसी भी समय बातचीत कर अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। हिमाचल साइंस एक्सपो का शुभारंभ करने सोलन पहुंचे कुलपति ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में प्रत्यक्ष चुनाव के विरोधी नहीं है लेकिन शिक्षण संस्थानों में बढ़ती हिंसा के चलते चुनाव पर रोक लगानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि वह सकारात्मक राजनीति के खिलाफ नहीं है पर शिक्षा में राजनीति के वह कट्टर विरोधी हैं। वाजपेयी ने रूसा के तहत हुई परीक्षा के परिणाम दो दिनों के अंदर घोषित करने की बात भी कही। गौरतलब है कि फीस बढ़ौतरी व छात्र संघ चुनाव पर रोक लगाने से नाराज चल रहे एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को समरहिल में प्रो. वाजपेयी पर हमला कर मारपीट की थी। वाजपेयी ने कहा कि छात्र संगठनों के रुख के बावजूद यूनिवर्सिटी के कार्य सुचारू रूप से चलते रहेंगे।
वीसी ने दिया छात्रों को जेएनयू का उदाहरण
प्रो. वाजपेयी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में से एक जेएनयू में प्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते आ रहे हैं लेकिन वहां कभी छात्र हिंसा की घटनाएं सुनने को नहीं मिली। प्रदेश में भी यदि इसी तरह का सौहार्दपूर्ण माहौल बने तो फिर से छात्र संघ के चुनाव बहाल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की रैंक में सुधार हुआ है। प्रदेश में शिक्षा के लिए अच्छा माहौल है। इंडियन नेल्सन सर्वे के मुताबिक प्रदेश की यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में सुधार हुआ है। सर्वे के मुताबिक यूनिवर्सिटी को पिछली बार 45वां रैंक मिला था जो अब 22वें रैंक तक पहुंच गया है।
पद का सम्मान जरूरी
प्रो. वाजपेयी ने कहा कि छात्र संगठनों को पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए। छात्रों के हमले से नाराज कुलपति ने कहा कि जिस पद को कभी डॉ. राधा कृष्ण, मदन मोहन मालविया जैसे महान लोगों ने संभाला था, ऐसे पदों की गरिमा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां पर इज्जत न मिले, वहां जाने का मतलब ही नहीं है।
दो दिन में रिजल्ट
कुलपति ने रूसा के तहत हुए परीक्षा परिणाम को एक-दो दिन में घोषित करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि रूसा के तहत कॉलेजों में हुई परीक्षा के परिणामों तकनीकी कारणों से देरी हुई है। सॉफ्टवेयर में खराबी व कॉलेजों से अवार्ड्स नहीं मिलना भी इसका कारण रहा।