पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंशिमला। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों के बीच खूनी संघर्ष में दर्जनों छात्र घायल हुए। इस घटना के बाद प्रशासन ने एससीए को भंग कर दिया है। छात्रसंघ चुनाव पर भी रोक लग सकती है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे कैंपस में एबीवीपी और एसएफआई के बीच खूनी टकराव हुआ। देखते ही देखते दोनों ओर से तलवारें और रॉड्स चलीं, जिसके चलते दर्जनों छात्रों को चोटें आईं। स्थिति को तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कैंपस में एंट्रेस एग्जाम के पहले दिन ही छात्र संगठनों में इस प्रकार के खूनी संघर्ष से आम छात्र सहम गए। लाठीचार्ज से गुस्साए छात्रों ने पुलिस पर भी पथराव किया।
शुरू में नाकाम रही पुलिस
सुबह जब दोनों छात्र गुटों में संघर्ष शुरू हुआ तो पुलिस स्थिति को नियंत्रण में नहीं कर पाई। दोपहर तक स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। छात्रों ने समरहिल चौक पर सरेआम तलवारें लहराईं। इसी बीच झड़प के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता नरेश दास्टा के हाथ मे' गहरी चोट आई। वहीं, एसएफआई कार्यकर्ता विक्रम कायथ और जीता सिंह नेगी को भी चोटें आई हैं।
जांच कमेटी गठित
खूनी संघर्ष को लेकर डीन ऑफ स्टडीज की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई है। इसमें कुलसचिव, डीएसडब्ल्यू, चीफ वार्डन और कुलपति के सचिव भी सदस्य बनाए गए हैं।
हॉस्टल भी होंगे बंद
प्रशासन होस्टल बंद करने की तैयारी कर रहा है। यूनिवर्सिटी की कार्यकारिणी परिषद ने पहले ही साफ कर दिया था कि यदि इसी तरह हिंसा जारी रही तो छात्रसंघ चुनाव बैन कर दिए जाएंगे।
5 बजे बंद होगी लाइब्रेरी, दोबारा होगी परीक्षा
एचपीयू में हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि पांच बजे ही लाइब्रेरी को बंद किया जाएगा। एमएमसी और एमएससी मैथेमेटिक्स की लिखित परीक्षा दोबारा होगी। यूनिवर्सिटी परिसर में लड़कों के चार छात्रावासों को तुरंत प्रभाव से शांतिव्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है। सभी छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को अतिथि छात्र को रखने की अनुमति नहीं होगी।
फ्लैश बैक
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.