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डाउनलोड करेंशिमला।अपने जीवन में मीना नेगी ने कभी खुशी के पल नहीं देखे। 16 साल पहले पति का साथ छूट गया था। अपने तीनों बच्चों के साथ मीना अकेले ही जीवन से संघर्ष कर रही है। मीना का सपना अपनी बेटी को आसमान में उड़ते देखना है।
इसके लिए उसने डेढ़ लाख का कर्ज लिया है। किन्नौर की मीना, पति के गुजर जाने के बाद रेलवे स्टेशन के पास ढारे में रह रही है। मीना आईजीएमसी में आरकेएस के तहत सफाई कर्मचारी का काम करती है। 6200 रुपए प्रतिमाह कमाने वाली मीना अपने सभी बच्चों को पढ़ा रही है और अतिरिक्त आमदनी के लिए ड्यूटी के बाद फास्ट फूड की रेहड़ी भी चलाती है।
कभी अपने बारे में नहीं सोचा
आर्थिक हालातों में भी बच्चों को अच्छी पढ़ाई करवानी वाली मीना ने अपने संघर्षशील जीवन के बारे में बताती है कि उसने कभी अपने बारे में नहीं सोचा। जब पहले पति का साथ था तो जीवन अच्छा बीत रहा था लेकिन उसके गुजरने के बाद तीनों बच्चों की देखभाल का जिम्मा उसके सिर पर आ गया, मगर उसने हिम्मत नहीं हारी। मजदूरी कर कई साल तक उसने घर का खर्च चलाया। जब बच्चे बड़े होने लगे तो उनका खर्चा भी बढऩे लगा। करीब आठ साल पहले उसने आईजीएमसी अस्पताल में ठेकेदार के पास सफाई का काम करना शुरू किया था।
बेटी एयरहोस्टेस व बेटा कंप्यूटर का कर रहा है कोर्स
तंगहाली में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में मीना ने सफलता पाई है। ढारे रहकर में भले ही अपने बच्चों को एक शिक्षा का एक अच्छा माहौल न मिला हो, लेकिन आज मीना की बेटी आशा एयरहोस्टेस का कोर्स करीबन पूरा कर चुकी है। एक बेटा सूरज नेगी जमा दो पास करने के बाद कंप्यूटर कोर्स कर रहा है और दूसरा प्रकाश इस समय जमा दो की पढ़ाई कर रही है।
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