(मंदिर से भगवान रघुनाथ सहित पांच मूिर्तयों के चोरी होने के बाद राेते महेश्वर सिंह को ढांढस बंधाते लोग।)
रघुनाथपुर। भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह धर्मशाला में विधानसभा सत्र के लिए गए थे लेकिन जैसे ही उन्हें चोरी की घटना का पता चला तो वे भागे-भागे कुल्लू पहुंचे और मंदिर परिसर पहुंचते ही फूट-फूट कर रोने लगे। इस दौरान लोग भी अपने अांसू को रोक नहीं पाए। इससे माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया। महिला पुरुष और महेश्वर सिंह परिवार सहित रोते रहे। उसके बाद लोगों ने दिलासा दिया।
भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि जब जनवरी, 2014 में चोरी हुई थी तो उस दौरान हमने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा मांगी थी लेकिन सुरक्षा नहीं मिली। नतीजा ये कि आज हमारे भगवान को चोरों ने निशाना बनाया है।
उन्होंने बताया कि हम भगवान रघुनाथ को नहीं बचा पाए अगर सोना चांदी चोरी होता तो वे दोबारा भी बनाया जा सकता था लेकिन अब तो मंदिर और कुल्लू की शान रघुनाथ जी को ही चुरा लिया है। अब मंदिर का सब कुछ खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मंदिर में सीसीटीवी कैमरा लगाया था लेकिन वह अगली तरफ था और चोरों ने पीछे से सेंध लगाकर छत को तोड़कर इस घटना को अंजाम दिया है।
जैसे ही चोरी का पता चला तो पुलिस ने मंडी स्थित फॉरेंसिक टीम को इसकी सूचना दी। ये सूचना सुबह करीब आठ बजे दी लेकिन फाॅरेंसिक टीम कुल्लू में करीब पांच घंटे बाद डेढ़ बजे दोपहर को पहुंची। जबकि कुल्लू और मंडी के बीच का सफर करीब एक घंटे का है।
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