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एमबीबीएस में एमसीअाई 30 तक दे एडमिशन, सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश

7 वर्ष पहले
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मंडी। सुप्रीम कोर्ट ने रिन्युअल अॉफ परमिशन व मेडिकल कॉलेज शुरू करने को लेकर कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए नए दिशा निर्देश जारी किए है। जारी दिशा निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की एडमिशन करने के निर्देश दिए है जिनकी रिन्युअल एमसीआई द्वारा रोकी गई थी। नॉमर्स पूरे नहीं होने की आड़ में एमसीआई द्वारा एमबीबीएस के बैच को बिठाने की परमिशन नहीं दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मेडिकल कॉलेजों के पक्ष में बड़ा फैसला लेते हुए 30 सितंबर तक एडमिशन करने के निर्देश दिए है। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश कोर्ट में दायर रिट पटीशन नंबर 469 आॅफ 2014 की सुनवाई करते हुए दिए है।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज को मिल सकता है निर्देशों का लाभ
सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा निर्देशों का लाभ प्रदेश के नेरचौक में चलने वाले नेरचौक मेडिकल कॉलेज को भी मिल सकता है। कॉलेज चलाने के संबंध में मंडी के एक व्यक्ति की ओर से प्रदेश के हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिस पर आज यानि 24 सितंबर को कॉलेज इस शिक्षा सत्र से चलाया जाना है या नहीं निर्णय आना है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के उपक्रम ईएसआईसी द्वारा नेरचौक में मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज में शिक्षा सत्र 2014-15 में कक्षाएं शुरू करने के लिए कॉलेज मैनेजमेंट ने एमसीआई के पास अप्रूवल के लिए अपना आवेदन किया था। एमसीआई ने कॉलेज का निरीक्षण कर कॉलेज चलाने के संबंध में कुछ आपत्तियां लगाई थी। जो कॉलेज प्रशासन द्वारा रिमूव कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज को चालू शिक्षा सत्र से चलाने के लिए मंडी के ही एक व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में अपनी याचिका दायर की है। जिस पर निर्णय आना है। गौरतलब है कि मामले पर अंतिम निर्णय 30 सितंबर से पहले आना है। क्योंकि सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन के तहत मेडिकल कॉलेजों में 30 सितंबर तक ही एडमिशन की जा सकती है।
एमसीआई के पास जमा कराने होंगे 10 करोड़

अपने निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि ऐसे सभी मेडिकल कॉलेजों को एडमिशन के लिए एमसीआई के नॉमर्स पूरे कर कॉलेजों में नॉमर्स पूरे होने की अंडरटेकिंग भी देनी होगी। जो कॉलेजों के प्रेसिडेंट, चेयरमैन व सचिवों की ओर से दी जानी है। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कर कक्षाएं शुरू करने के संबंध में एमसीआई के पास लगभग 10 करोड़ की राशि भी जमा करवानी होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमसीआई के दूसरी बार किए जाने वाले इंस्पेक्शन में दी जाने वाली अंडर टेकिंग में कमियां पाई जाती है तो एमसीआई के पास जमा करवाई गई 10 करोड़ की राशि को एमसीआई जुर्माने के तौर पर जब्त कर लेगी।