एटीएम से भी मिलेगा मिल्कफेड का दूध, पैसे की जगह आपको मिलेंगे टोकन

8 वर्ष पहले
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शिमला। मिल्कफेड जल्द ही लोगों को शहरी क्षेत्रों में मिल्क एटीएम की सुविधा देगा। आप मिनटों में एटीएम से लोग दूध निकाल सकेंगे। इसके लिए मिल्कफेड ने प्रस्ताव तैयार किया है जिसे सरकार के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी के बाद प्रदेश भर के जिलों में यह सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। दरअसल, प्रबंधन ने प्लास्टिक पर लगने जा रहे प्रतिबंध का विकल्प तलाश लिया है।

योजना के तहत मिल्कफेड दुकानों में मिल्क एटीएम लगाएगा। प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा। योजना के तहत मिल्क एटीएम लगाने के लिए दुकानों का चयन होगा। इस एटीएम में टोकन डाल कर दूध निकलेगा। योजना के मुताबिक दूध के लिए आपको बर्तन साथ लेकर जाना होगा। लोगों को मौजूदा दाम में ही दूध मुहैया हो इसके लिए अधिकारी एटीएम मशीन के रेट का आकलन कर रहे हैं।

दिल्ली की तर्ज पर: वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में मदर डेरी मिल्क एटीएम के माध्यम से लोगों दूध मुहैया करवा रही है। यह योजना दिल्ली में पूरी तरह से सफल हुई है। अब राज्य में मिल्कफेड दिल्ली की तर्ज पर दुकानों में मिल्क एटीएम लगाने की योजना तैयार कर रहा है।

ऐसा काम करेगा एटीएम

मिल्क एटीएम (ऑटोमेटिड टेलर मशीन) मशीन है। जिसमें टोकन डाल कर दूध निकलेगा। यह टोकन दुकानदार से मिलेगा। दूध लेने वाला व्यक्ति दुकानदार को दूध के पैसे देगा, जिसके बदले में दुकानदार एक टोकन देगा। टोकन को मशीन में डालकर बर्तन में आप दूध ले सकते हैं। एक टोकन से लीटर दूध मिलेगा। यदि दूध अधिक चाहिए तो दुकानदार को अधिक के पैसे देकर ज्यादा टोकन ले सकते हैं।

दाम पहले जैसे, पर्यावरण भी सुरक्षित

मिल्क एटीएम लगने से जहां लोगों को लाभ होगा वहीं पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। दूध को पैक करने के लिए वर्तमान में प्लास्टिक का प्रयोग हो रहा है जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। एटीएम लगने से प्लास्टिक पैकिंग की जरूरत नहीं होगी। प्लास्टिक का विकल्प बायोडीग्रेड प्लास्टिक, वैक्स पेपर और टेट्रा पैक हैं। यदि इसे पैकिंग के प्रयोग में लाया जाता है तो उत्पादों के दाम पहले से महंगे हो जाएंगें। मिल्क एटीएम लगने से दूध के दाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

शहरी क्षेत्रों में सुविधा

मिल्क एमटीएम मशीन शहरी क्षेत्रों में पूरी तरह से कारगर सिद्ध होगी। इन मशीनों के लगने से पैकिंग का खर्चा भी बचेगा। जिससे न तो मिल्कफेड और न ही लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
मोहन लाल जोशी, पूर्व चेयरमैन मिल्कफेड

मिल्क एटीएम लगाने को लेकर काम किया जा रहा है। अभी मशीनों के रेट और अन्य तथ्यों का आंकलन किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। आरके सूद, एमडी मिल्कफेड