शिमला। पुलिस थाना ठियोग के तहत घर से लापता किशोरी की जहरीली दवाई निगलने से मौत हो गई। किशोरी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने मागल (चैहड़ी ) गांव के नरेश कुमार पुत्र नेक राम पर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
निर्मला ने थाना में शिकायत में कहा कि 13 सितंबर को 16 वर्ष की लड़की घर से चली गई। तीन दिनों के बाद निर्मला देवी को फोन आया। फोन करने वाले ने खुद का नाम नरेश कुमार बताया। नरेश ने फोन पर पहले खुद बात की और उसके बाद बेटी से बात करवाई। बेटी ने फोन पर नरेश से शादी करने की बात कही। नाबालिग लड़की ने यह भी बताया कि वह ठियोग के गांव वाजवी में रह रही है।
सुबह ठीक, शाम को मौत
निर्मला ने शिकायत में कहा है कि बेटी ने फोन कर कहा कि इसके बारे में पुलिस से शिकायत नहीं करें। ऐसा करने पर उसका पति जान से मार देगा। बेटी ने कहा था कि नरेश ने उसका
मोबाइल भी तोड़ दिया है। बुधवार सुबह परिजनों ने बेटी का हालचाल भी पूछा था। बुधवार सुबह 11 बजे के करीब नरेश का फोन आया। नरेश ने कहा कि आपकी बेटी की तबीयत बिगड़ रही है। उसे उल्टी दस्त लगे हैं। नरेश ने परिजनों से कहा कि आप बेटी को ले जाओ। शाम करीब 4.30 बजे नरेश का फोन कर बताया कि उनकी बेटी मर चुकी है। आप इसे यहां से ले जाओ।