शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने खर्च में कटौती करने आैर वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए राज्य स्तरीय रिसोर्स मोबलाइजेशन एंड कमेटी की किसी सिफारिश को भले ही मंजूरी नहीं मिली है। लेकिन कमेटी के लिए वाहन खरीदने को मंजूरी मिल चुकी है। अभी तक सरकार की कमेटी ने एक बार बैठक कर आय बढ़ाने आैर खर्च घटाने के लिए कई अहम फैसले भी लिए। इन्हें राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया। मंत्रिमंडल ने इस पर कमेटी को हर बैठक की मंजूरी देने की बजाय तीन महीने में संयुक्त रिपोर्ट लाने के लिए कहा है।
कमेटी की सिफारिश पर बैठक में नहीं हुई चर्चा
कमेटी की एक भी सिफारिश पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा नहीं की गई। कमेटी ने कई सिफारिशें की थी, इसमें राज्य में नए वाहन खरीदने पर मार्च तक प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी शामिल था। इसे मंजूर करना तो दूर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी के लिए ही एक वाहन खरीदने के लिए मंजूरी दे दी है। लग्जरी वाहन की कीमत 12 से 15 लाख के बीच में बताई जा रही है। अब कमेटी के लिए वाहन को शीघ्र ही खरीदा जाएगा। हालांकि कमेटी के गठन के समय ही सरकार ने राज्य में नए वित्तीय संसाधन तलाशने आैर खर्च कम करने के लिए इसके गठन की बात कहीं थी। कमेटी के अभी तक एक भी पैसे की कमाई आैर बचत की
सिफारिश को सरकार ने मंजूरी नहीं दी है। इसके बावजूद कमेटी पर ही खर्चना शुरू कर दिया है। इससे कमेटी के गठन पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले कमेटी के अध्यक्ष को लेकर जोरदार विवाद रहा था। राज्य में वर्तमान में चार अतिरिक्त मुख्य सचिव है। इसमें दीपक सानन, विनीत चौधरी, उपमा चौधरी आैर वीसी फारका शामिल है। अब सरकार ने एसीएस के पदों को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसकी शीघ्र ही अधिसूचना होने के बाद अधिकारियों को पदोन्नति के तोहफे से नवाजा जा सकता है।