नेरचौक। भंगरोटू का नीरज गुलेरिया सेना में लेफ्टिनेंट के पद कार्यरत होकर अब देश की सेवा करेंगे। 13 सितंबर को ओटीए चेन्नई से पासआउट हुए नीरज गुलेरिया की पहली पोस्टिंग राजस्थान के अजमेर में 16 गार्ड रेजीमेंट में हुई है। शुरू से ही मेधावी छात्र रहा नीरज गुलेरिया ने जून 2013 में सीडीएस की परीक्षा उर्त्तीण कर सेना को ज्वाइन किया था।
13 सितंबर को चेन्नई में हुई पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट बने नीरज गुलेरिया को उसकी माता लीला गुलेरिया और पिता डॉ. सुभाष गुलेरिया ने स्टार लगाए। नीरज के पिता डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं जबकि माता शिक्षिका हैं। लेफ्टिनेंट बनने से पहले नीरज इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट में दो साल तक अपनी सेवाएं दे चुका है।
शुरू से मेधावी छात्र
डॉ. सुभाष गुलेरिया ने बताया कि उनका बेटा नीरज शुरू से ही मेधावी रहा। उसकी प्रारंभिक शिक्षा भंगरोटू और झंगी के प्राइमरी स्कूल से हुई है। जमा दो की शिक्षा जवाहर नवाेदय स्कूल पंडोह से ली। मंडी के वल्लभ कॉलेज से बीएससी बायोटैक करने के बाद नीरज ने बेंगलुरू से एमएससी की डिग्री की। नीरज ने बताया की उन्हें शुरू से ही देश सेवा करने की प्रेरणा परिवार से मिलती रही है। नीरज के दादा शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि चाचा रविंद्र गुलेरिया सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी प्रेरणा से वह आज इस पद को हासिल करने में कामयाब हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपना लक्ष्य हासिल कर देश सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करुंगा।
फोटो- सेना में लेफ्टिनेंट बना बल्ह घाटी के नीरज को स्टार लगाते उसके माता-पिता।