शिमला। हिमाचल में नए खुले 14 कॉलेजों को चलाने के लिए राज्य सरकार पहली बार पेरेंट्स टीचर एसोसिएशन (पीटीए) को ग्रांट इन एड देगी। सरकार द्वारा दो साल तक यह मदद दी जाएगी। कॉलेजों के पास पीटीए फंड न होने के कारण यह फैसला लिया गया है। शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार को यह मामला भेजा था।
मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था जिसे मंजूर कर लिया गया था। जल्द ही इस की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। राज्य के हर कॉलेज में पीटीए गठित की जाती है। किसी भी कॉलेज को सरकार ग्रांट इन एड नहीं देती।
पीटीए के पास नहीं है फंड: नियमों के तहत हर कॉलेज में पेरेंटस टीचर एसोसिएशन का गठन किया जाता है। सरकार ने नए कॉलेज खोल कर पीटीए आधार पर शिक्षक रखने के आदेश दिए थे। कॉलेजों का तर्क था कि पीटीए के पास फंड ही नहीं है। पीटीए शिक्षकों की यदि तैनाती करते हैं तो फंड कहां से आएगा। वेतन देना भी मुिश्कल हो जाएगा। इसलिए यह फैसला किया गया है।
शिक्षक होंगे तैनात
सरकार द्वारा ग्रांट इन एड जारी होने के बाद अब पीटीए आधार पर शिक्षकों की तैनाती करने में कोई बाधा नहीं आएगी। नए खोले गए कॉलेजों को पांच विषयों के साथ शुरू किया गया है। शिक्षकों की कमी के चलते यह फैकल्टी भी पूरी नहीं हो पा रही थी। वित्तीय संकट के चलते पीटीए आधार पर शिक्षकों की तैनाती भी नहीं हो पा रही थी। मामला सुलझ जाने के बाद अब शिक्षक तैनात करने की प्रक्रिया सुचारु रूप से शुरू हो सकेगी।