शिमला। आईजीएमसी अस्पताल में गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को इमरजेंसी में न तो अब बैड के लिए भटकना पड़ेगा और न ही स्ट्रेचर में उपचार कराना पड़ेगा। आईजीएमसी की कैजुअल्टी को पीजीआई की तर्ज पर तैयार कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित विभागों के डॉक्टरों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कैजुअल्टी में भर्ती होने वाले मरीज को उपचार देने के बाद 12 से 14 घंटे के भीतर वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
कैजुअल्टी में 36 बैड
उपलब्ध आईजीएमसी अस्पताल की कैजुअल्टी में बैड की संख्या को भी बढ़ाया गया है। इतना ही यहां पर पीजीआई की तर्ज पर ट्रॉली बैड लगाए गए हैं। जिसमें दोनों रेलिंग होगी ओर साथ मरीज का सामान रखने के लिए अलग से जगह होगी। कैजुअल्टी में पहले 12 बैड थे, जिनकी संख्या बढ़ा कर 36 कर दी गई है। इससे आपात स्थिति में आने मरीजों को दिक्कतों का समाना नहीं करना पड़ेगा। किस विभाग को कितने बैड कैजुअल्टी को बेहतर ढंग से चलाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने बैड की संख्या के मुताबिक विभागों में बंटवारा कर दिया है। इसके तहत 10 बैड मेडिसन विभाग, 10 सर्जरी, 12 बैड आॅर्थो और 4 बैड सुपर स्पेशलिटीज को दिए गए हैं। संबंधित विभागों के डॉक्टर अपने मरीजों अपने बैड पर ही रख सकेंगें। इससे पहले मेडिसन, सर्जरी और आॅर्थो विभाग को केवल चार चार बैड से ही काम चलाना पड़ रहा था।