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नीति आयोग कैसे काम करेगा, आज होगा साफ

7 वर्ष पहले
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शिमला। हिमाचल मूल रूप से केंद्र प्रायोजित योजनाआें पर ज्यादा निर्भर रहता है। इसलिए शनिवार को आने वाले केंद्रीय आम बजट पर हिमाचल की निगाहें टिकी रहेंगी। केंद्रीय प्रायोजित योजनाआें से लेकर प्लान के तहत कितना पैसा राज्य को मिलेगा यह सब शनिवार को साफ होगा। नीति आयोग कैसे काम करेगा, इसकी स्थिति भी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने बजट भाषण में साफ करेंगे।
हालांकि 14वें वित्तायोग से 40,625 करोड़ रुपए की उदार वित्तीय मदद मिलने की उम्मीद है, लेकिन आम बजट में साफ होगा कि मदद कैसे मिलेगी। राज्य में मनरेगा से लेकर कई केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में पहले कटौती की गई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस कटौती को खत्म करने का पत्र प्रधानमंत्री को लिख चुके हैं। केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत वर्ष, 2014-15 में केंद्रीय हिस्से में कटौती कर इसे केवल 355.43 करोड़ रुपए कर दिया गया।
30 योजनाओं में मिलती है मदद
राज्य को करीब 30 केंद्र प्रायोजित योजनाओं में वित्तीय मदद मिलती है। इसमें सबसे बड़ी योजना मनरेगा है। इसमें पहले ही कटौती होने के कारण राज्य में इससे संबंधित काम रुक गए हैं। दूसरी वित्तीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मिलती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने में मदद मिलती है। इसी तरह सर्व शिक्षा अभियान और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित कई योजनाएं हंै। इन्हें केंद्र की तरफ से बंद करने या वित्तीय मदद कम करने से बढ़ा झटका लग सकता है। इसके अलावा ऊर्जा और कल्याण विभाग सहित कई अन्य क्षेत्रों में राज्य को मदद मिलती है।
3000 तक मिल रही मदद: केंद्र प्रायोजित योजनाओं में कट लगता है, तो इससे राज्य सरकार की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। मौजूदा समय में राज्य को करीब 30 केंद्र प्रायोजित योजनाओं में 2,500 करोड़ से 3,000 करोड़ की मदद मिल रही है। योजना आयोग के स्थान पर बने नीति आयोग की स्थापना के बाद वार्षिक योजना आकार को लेकर भी असमंजस है। आम बजट राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर राज्य में विकास की गति आगे बढ़ेगी।
राज्य का बजट तैयार करने में जुटा वित्त विभाग
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तरफ से विधानसभा में वर्ष, 2015-16 के लिए 18 मार्च को प्रस्तुत किए जाने वाले बजट को तैयार करने में वित्त विभाग कसरत कर रहा है। वित्तायोग की सिफारिश और आम बजट में हिमाचल को केंद्र प्रायोजित योजनाओं से मिलने वाली मदद भी इसकी दिशा तय करेगी। ऐसे में मुख्यमंत्री से लेकर वित्त विभाग की आम बजट पर विशेष नजर रहेगी। बजट में मनरेगा, एसएसए, आरएमएसए, रूसा, मिड डे मील, एनआरएचएम, पीएमजीएसवाई योजनाओं पर नजर रहेगी।

राज्य के लिए आम बजट महत्वपूर्ण : बाल्दी
प्रधान सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी का कहना है कि आम बजट राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्तायोग की सिफारिशों के बाद पहले की तरह राज्य को केंद्र प्रायोजित योजनाओं में हिस्सेदारी मिलती रहेगी।
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