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पालमपुर में अधिवक्ता एवं आप के नेता प्रशांत भूषण की जमीन होगी जब्त

7 वर्ष पहले
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धर्मशाला। पालमपुर उपमंडल के कंडबाड़ी गांव में समाजसेवी एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण की भूमि खरीद मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। जिला भू-राजस्व अधिकारी एवं जिलाधीश कांगड़ा सी पालरासू ने एचपी टैनेंसी एंड लैंड रिफाॅर्म एक्ट के उल्लंघन मामले में फैसला सुनाते हुए इस भूमि को जब्त कर सरकार को वापस करने के आदेश दिए हैं। डीसी ने बताया कि एचपी टैनेंसी एंड लैंड रिफार्म एक्ट की धारा 118 में स्पष्ट है कि हिमाचली कृषक न होने के कारण सरकार द्वारा दी गई विशेष अनुमति के तहत आवेदनकर्ता को दो साल के भीतर वह उद्देश्य पूरा करना होता है जिसके तहत जमीन खरीदी गई हो। प्रशांत भूषण की कुमुद एजुकेशनल सोसायटी को आवंटित भूमि पर न तो कोई स्कूल है और न ही काॅलेज। सोसायटी को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।
नहीं बनाई सोसायटी
वर्ष 2009 व 2010 में कुमुद भूषण एजुकेशनल सोसायटी को सेक्शन 118 के तहत भूमि खरीदने की अनुमतियां दी गई थी, लेकिन दो वर्षों तक इस भूमि पर सरकार द्वारा जिस उद्देश्य से अनुमति दी गई थी, उस संबंध में सोसायटी के प्रबंधकों द्वारा किसी भी प्रकार के कार्य को अंजाम नहीं दिया गया। वर्ष 2012 में सरकार ने इस मामले में जांच आरंभ कर दी थी। सितंबर 2014 तक प्रतिवादी व कुमुंद सोसायटी के प्रबंधकों सहित प्रशांत भूषण को पक्ष रखने का समय दिया गया, लेकिन किसी ने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। इसी कारण बुधवार को सरकार को जमीन वापस लेने के आदेश पारित किए गए।