रघुनाथपुरी. मैंने चार वेदों के ज्ञाता और घमंडी राजा रावण की सोने की लंका को जलाया था और माता सीता को वापस लाया था….तब भी मेरे रघुराम पर मुसीबत आई थी….लेकिन आज भी मेरे रघुराम मुसीबत में हैं…और मैं अपने रघुराम को ढूंढ निकालूंगा। इसको लेकर मैं जल्द ही भेद दूंगा। सराज घाटी के हनुमान अवतार देवता खाेडू ने गुर के माध्यम से ये दावा किया। गुर ने देव समाज के लोगों से कहा कि वे देव नियमों को वे भूलते जा रहे हैं। इसके चलते देवी देवता लुप्त होना चाहते हैं। मानव देवताओं से बड़े हो गए हैं।
चोरी को प्रमाणित करते हैं खरीडू देव
सराज घाटी के ही भीम अवतार खरीडू देवता ने भी अपने गुर के माध्यम से कहा कि भगवान रघुनाथ अभी हमारे से ज्यादा दूर नहीं गए हैं वे हमारे आसपास ही हैं। खरीडू देवता चोरी को प्रमाणित करने वाले देवता माने जाते हैं। उन्होंने अपने गुर के माध्यम से कहा कि है कि चोरी घटना को जल्द ही प्रमाणित करुंगा। देवता ने कहा कि लोग नियमों को देवताओं पर थोप रहे हैं। अगर समय पर देव नियमों को ठीक से नहीं निभाया वे यहां से लुप्त होंगे।
विलुप्त होना चाहते हैं देवी-देवता| रघुनाथपुर में चल रही देव पूछ में अधिकतर देवी-देवताओं ने अपने गुर के माध्यम से कहा कि देव नियमों से छेड़छाड़ के चलते देवी-देवता लुप्त होना चाहते हैं। मनुष्य पुरानी देव परंपराओं को छोड़ रहे हैं और नई-नई परंपराओं को अपना रहे हैं।
भगवान की कीमत आंकना गलत
भगवान रघुनाथ सहित पांच दुर्लभ मूर्तियां और सोने चांदी के आभूषण चोरी होने के बाद पुलिस ने इसकी कीमत मात्र 32 लाख आंकने को लेकर महेश्वर सिंह ने मीडिया कर्मियों के पूछे सवाल में कहा कि भगवान की मूर्तियों की कीमत आंकना गलत है। ये बहुमूल्य मूर्तियां हैं और उसमें हमारे भगवान रघुनाथ बसते हैं। ऐसे में भगवान की कीमत नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि वैसे भी हिमाचल में यह इतनी बड़ी चोरी पहली बार हुई है जिसकी सूचना इंटरपोल तक पहुंचाई गई है और सरकार द्वारा भी इसके लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
तीर्थ जा रहे है देवता
चोरी के बाद कई देवी देवता तीर्थ जा रहे हैं। प्रीणी के तक्षक नाग वशिष्ठ तीर्थ नहाने जा रहे हैं। बिजली महादेव, दियारी ठाकर ने भी चोरी की प्रमाणता देने के लिए अपने मंदिर बुलाया है। देवता भी चोरी को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
(भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह कारकूनों से मशविरा करते हुए।)