पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Sacrificial Practice Will Continue Or Not,

बलि प्रथा जारी रहेगी या नहीं, देव संसद में आज सुनाया जाएगा फरमान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कुल्लू। हाईकोर्ट के बलि प्रथा पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद अब देवी देवता आज अपना फरमान जारी करेंगे। बलि प्रथा को देव समाज से सदा के लिए अलग कर दिया जाएगा या फिर उसे जारी रखने की कोशिश की जाएगी। इसको लेकर जिला कुल्लू के नग्गर स्थित जगती पठ में देव संसद सजेगी। इस संसद में जिला के सैकड़ों देवी देवता भाग ले रहे हैं। लिहाजा, देव समाज की नजरें इस जगती पर काफी दिनों से टिकी हुई है और आगे किस ओर कदम उठाना है इसको लेकर देव समाज अपना फरमान जारी करेगा।

वीरवार शाम को करीब सात बजे तक जम्दग्रि ऋषि पीज, आदिब्रह्मा, सप्तऋषि सहित दर्जनों देवी-देवता पहुंच नग्गर पहुंच गए हैं। वहीं अठारह करडू के कारदार महेश्वर सिंह भी जगती में एक दिन पूर्व ही व्यवस्था देखने के लिए नग्गर पहुंचे हैं। आनी, निरमंड, सैंज आदि दूर दराज क्षेत्रों के देवी-देवताओं के चिन्ह नग्गर दे रात तक पहुंचेंगे। भगवान रघुनाथ मंदिर से अठारह करडू देवी-देवताओं का चिन्ह सुबह चार बजे वाद्य यंत्रों सहित जगती के लिए रवाना होगा जो सुबह साढ़े सात बजे नग्गर पहुंचेंगे। नौ बजे माता त्रिपुरा सुंदरी की अध्यक्षता में देव संसद बैठेगी। माता त्रिपुरा सुंदरी के कारदार जोगिंद्र आचार्य ने बताया कि जगती की तैयारियां पूर्ण हो गई है। अठारह करडू के कारदार महेश्वर सिंह भी तैयारियों का मुआयना करने पहुंचे है।