शिमला। हिमाचल के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए राज्य सरकार की आेर से बोर्ड की सभी कक्षाआें के रिजल्ट को रिव्यू करने का फैसला लिया है। पहली बार 12वीं आैर 10वीं के रिजल्ट के साथ 5वीं आैर 8वीं कक्षा के बच्चों के रिजल्ट का रिव्यू किया जाएगा।
इसमें स्कूलों में कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को जवाब देना होगा। राज्य सरकार ने दसवीं के पूरे रिजल्ट का रिव्यू किया है। इसमें पिछले तीन सालों के रिजल्ट में 302 के लगभग स्कूलों का रिजल्ट 40% से कम रहा है। इन सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों से रिजल्ट खराब आने के मामले में जवाब मांगा गया है। राज्य में आरटीई के लागू होने के बाद पहली बार शीतकालीन स्कूलों में परीक्षा हो गई है, वहीं समर वेकेशन वाले स्कूलों में परीक्षा होनी है। परीक्षाआें का रिजल्ट आने के बाद स्कूलों से जवाब मांगा जाएगा। विभाग का तर्क है कि स्कूलों के रिजल्ट के आधार पर ही आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पाॅलिसी तैयार की जा सकती है। राज्य में जो भी सर्वे करवाए जा रहे हैं, उनमें शिक्षा की गुणवत्ता पर कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं। इसमें सुधार के लिए पाॅलिसी कैसे बेहतर तैयार हो सके। इसके लिए बड़ी से लेकर छोटी सभी कक्षाआें के रिजल्ट की समीक्षा होना प्रस्तावित है।
10 लाख छात्र हैं स्कूलों में
हिमाचल के स्कूलों में 10 लाख से ज्यादा छात्र छात्राएं हैं। आठवीं तक आरटीई के लागू होने के बाद परीक्षाएं बंद हो गई हैं। अब राज्य सरकार ने दोबारा से बोर्ड के माध्यम से परीक्षाएं लेने का फैसला लिया है। हालांकि इसमें किसी छात्र को फेल नहीं किया जाता है, लेकिन छात्रों के प्रदर्शन के आंकलन किया जा रहा है। इसी रिजल्ट से शिक्षकों के प्रफोमेंस को भी आंका जाना है।
शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण
हिमाचल में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए पाॅलिसी में बदलाव भी रिव्यू के परिणाम के बाद होंगे। वर्तमान में एसएसए आैर सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। भविष्य में बच्चे किन विषयों में कमजोर हैं, इसी आधार पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को 5वीं आैर 8वीं के रिजल्ट का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं।