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सड़क धंसी, जाम लगा, दिन भर जनता परेशान, जाम के कारण चलना पड़ा पैदल

7 वर्ष पहले
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शिमला। शहर को सचिवालय से जोड़ने वाले कार्ट रोड के हाईकोर्ट के पास धंसने से पूरा ट्रैफिक बंद रहा। शहर के लोगों को इस कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ा हैं। सोमवार सुबह करीब 10.20 बजे पुराने बस अड्डे से छोटा शिमला की तरफ वाहनों को ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तरह रोक दिया। 10 बजकर 32 मिनट पर अचानक लिफ्ट के समीप बन रही पार्किंग के पास से मुख्य सड़क का डंगा धंस गया।
इस कारण यहां से गुजरने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कार्ट रोड के बंद होने के कारण शहर में करीब पांच घंटे तक जाम लगा रहा। इसके कारण लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को पैदल चलने के कारण परेशानी हुई।

पुलिस पहले हो गई सतर्क

सोमवार सुबह सात बजे सड़क के पास कुछ हिस्सा टूटा। इससे सड़क के किनारे बनी पुलिस गुमटी हवा में लटक गई। पुलिस कर्मचारियों ने लोगों की मदद से गुमटी काे वहां से उठा दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी एक-एक गाड़ी को वहां से निकालने जुट गए।

ये सिलसिला तब तक चलता रहा, जब तक सड़क का बचा हुआ हिस्सा टूट नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन को पहले से ही सड़क टूटने का अंदेशा था। ऐसे में रविवार देर शाम यहां से वाहनों को धीरे से चलाने के अादेश भी दिए थे। गाड़ियों के जाम में फंसने के कारण बसों में बैठे यात्रियों को पैदल ही रास्ता पकड़ना पड़ा।

पार्किंग को भी नुकसान

निर्माणाधीन पार्किंग को डंगा गिरने से नुकसान हुआ हैं। पार्किंग के ऊपरी हिस्से में हाल ही में लैंटर डाल था। पत्थर गिरने से इसका अाधा हिस्सा टूटा है। इसके अलावा पार्किंग के साथ लगते दो घराेंं को भी हल्का नुकसान हुआ हैं। हालांकि, यहां काम करने वाले किसी भी मजदूर को चाेट नहीं लगी।
बिजली का खंभा गिरने से बाल बाल बचे यात्री

निर्माणाधीन पार्किंग के पास जैसे ही सड़क का हिस्सा टूटा, सड़क के किनारे लगा बिजली का खंभा भी हवा में लटक गया। खंबे से जुड़ी बिजली की तारों के अलावा टेलीफोन की तारों से वहां से गुजर रही बस के ठीक ऊपर रुक गई। जैसे ही सड़क का एक हिस्सा बैठा, इसी बीच एक निजी बस यहां से गुजर रही थी। इसमें करीब 40 लोग सवार थे। इस बीच बिजली का खंभा अचानक नीचे गिर गया, इसकी तारें यदि साथ लगती केबल से न टकराती तो सीधे बस की छत से टकरा सकती थी। इससे बड़ा हादसा टल गया। हादसे को देखते हुए डीसी, एसपी, नगर निगम के मेयर और आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
बड़ा सवाल: सिंकिंग जोन में नौ मंजिला कॉम्प्लैक्स बनाने की कैसे मिली अनुमति
> पांच माह से था सड़क के टूटने का खतरा
> प्रशासन ने जानकारी के बावजूद नहीं की कार्रवाई
कार्ट रोड पर निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग से मुख्य सड़क टूटने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले पांच महीनों से सड़क के टूटने का खतरा बना हुआ था। पीडबल्यूडी ने निर्माण को लेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी को सावधानी बरतने की हिदायत दी थी। कंपनी ने नगर निगम को लीकेज से सड़क गिरने का खतरा बताया था। कृष्णानगर वार्ड की पार्षद ने पार्किंग के निर्माण के खतरे की लिखित शिकायत नगर निगम के आयुक्त व मेयर को की थी। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

विभागों की लापरवाही से ये हादसा हुआ। सड़क टूटने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। पार्षद का आरोप है कि जहां पर पार्किंग बन रही है उसका कुछ हिस्सा सिंकिंग जोन में आता है। ऐसे में यहां का निर्माण करने को परमिशन क्यों दे दी। पार्किंग के निर्माण स्थल के साथ नाला बहता है। सड़क के अंदर लीकेज हो रही है।
इसका रिसाव आसपास के हिस्से में रहता है। ऐसे में पार्किंग का निर्माण कितना मजबूत होगा इस पर कोई अध्ययन किया गया या नहीं। पार्किंग के निर्माण के लिए खुदाई का काम जेसीबी से किया गया। बरसात के दिनों में भी यहां पर निर्माण जारी था। कंस्ट्रक्शन वर्क के चलते पांच माह पहले यहां पर सड़क को खतरा बनने लगा था। इसके बावजूद नगर निगम, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग किसी ने कोई सुध नहीं ली। जिस स्थान पर सड़क गिरी हैं वहीं पर कंस्ट्रक्शन कंपनी रॉ मेटिरियल को लोड और अनलोड भी करती थी। प्रशासन की लापरवाही के चलते ही इतना बड़ा हादसा पेश आया है।
9 मंजिला कॉम्पलेक्स बनाने की परमिशन पर सवाल
कार्ट रोड के साथ बन रही इस पार्किंग के निर्माण को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। पीके कंस्ट्रक्शन कंपनी पीपीपी मोड पर इस का निर्माण कर रही है। 46.11 करोड़ की यह पार्किंग बननी प्रस्तावित है। 12700 स्कवेयर मीटर भूमि पर यह पार्किंग बन रही है। नौ मंजिला कामर्शियल कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इस में छह मंजिल पार्किंग के लिए होंगे, तीन कमर्शियल एक्टिविटी के लिए। कमर्शियल में शॉ रूम, थिएटर का निर्माण किया जाना था। पूरे का पूरा एरिया सिंकिंग जोन में आता है। इसके बावजूद इस कॉम्पलेक्स को इजाजत दे दी। शिमला में तीन मंजिल भवन के साथ एटिक बनाने की परमिशन है।
सड़क को बचाने की दी थी चेतावनी: ईएनसी

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता नरेश शर्मा ने कहा कि लिफ्ट के पास काॅमर्शियल कॉम्पलेक्स की कंस्ट्रक्शन में सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे। कंस्ट्रक्शन से सड़क को किसी तरह का खतरा न हो इसका खास ध्यान रखने को कहा था। एक्सपर्ट टीम को मौके पर भेजा गया है।
कई बार आयुक्त से की शिकायत: रजनी

कृष्णा नगर वार्ड की पार्षद रजनी सिंह ने कहा कि पार्किंग निर्माण को लेकर लिखित में शिकायत नगर निगम के आयुक्त और मेयर को की थी। पार्किंग के निर्माण होने से खतरे को देखते हुए इसे बंद करने को कहा था। पार्किंग के निर्माण से जो मलबा निकल रहा है उसे नाले में फेंका जा रहा है। इससे नाला ब्लॉक हो रहा है। इससे आसपास का क्षेत्र दलदला बनता जा रहा है। कृष्णा नगर के कई घरों को खतरा बनता जा रहा है। बरसात के दिनों में यह खतरा बढ़ सकता है। घरों को खतरा देख पार्किंग के निर्माण कार्य को बंद करने की शिकायत भी की थी। बावजूद इस के नगर निगम प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।