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जनप्रतिनिधियों ने टीसीपी एक्ट को नकारा, कहा फिर से हो विचार

7 वर्ष पहले
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शिमला। टीसीपी एक्ट में संशोधन के विरोध में जनप्रतिनिधि भी उतर आए हैं। शहरी स्थानीय नगर निकाय संघ की शिमला में हुई बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। पालिका भवन शिमला में हुई बैठक में टीसीपी एक्ट में लाए संशोधन पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में प्रदेशभर से आए शहरी स्थानीय नगर निकायों के जन प्रतिनिधियों ने एक्ट में किए संशोधन के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। प्रतिनिधियों ने एक्ट को जन विरोधी बताते हुए सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने अवैध भवनों को रेग्युलर करने के लिए ली जाने वाली कंपाउंडिंग फीस का शत प्रतिशत हिस्सा यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) को देने की मांग की है। संघ का तर्क है कि इस एक्ट को लागू करने और लोगों को सुविधा देने का पूरा श्रेय यूएलबी को जाता है तो इससे आने वाली फीस भी उन्हें ही मिलनी चाहिए।

जन प्रतिनिधियों की राय लें

शहरी नगर निकाय के चेयरमैन कुल राकेश पंत ने कहा कि निकायों से जुड़ी किसी भी पाॅलिसी में संशोधन के लिए सरकार को प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे सलाह-मशविरा करना चाहिए, जबकि टीसीपी एक्ट में संशोधन के समय ऐसा नहीं किया गया। सरकार जबरन इस टीसीपी एक्ट को जनता पर थोप रही है। सरकार टीसीपी एक्ट का खारिज करके दोबारा इस पर जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर नया एक्ट लाया जाए।
बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक में निकायों को आ रही समस्याओं पर चर्चा करके इन्हें जल्द सुलझाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया। इसमें जिला परिषद की तरह नगर परिषद की बैठकों में आईपीएच, बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य, भवन एवं सड़क, सोशल वेल्फेयर अौर पुलिस समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को बैठक में उपस्थित होने की मांग उठाई गई। इसके अतिरिक्त परिषदों में वर्षों से रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। इससे जनता से जुड़ी समस्याओं का हल किया।
सुधीर नहीं मान रहे सीएम के आदेश : पंत

चेयरमैन कुल राकेश पंत ने बैठक में आरोप लगाया कि 2013 में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने निजी कारणों के चलते निकाय प्रतिनिधियों से चैक पर हस्ताक्षर करने की पावर छीन ली थी। इसके बाद जन प्रतिनिधि तीन बार इस मुद्दे को लेकर सीएम से मिले। उनसे इस नियम को खारिज करने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि सीएम ने इस पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों और मंत्री को निकाय प्रतिनिधियों को चैक पर हस्ताक्षर करने की पावर को बहाल कर दिया था। इसके बावजूद आज दिन तक मंत्री ने इन नियमों को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि मंत्री पूरी तरह से मुख्यमंत्री के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।
फ्लोर बेस से लगाएं टैक्स: टिकेंद्र पंवर
इस संबंध में बैठक में नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि फीस की दरें बिल्डिंग के अनुसार नहीं, फ्लोर के अनुसार तय होना चाहिए। इससे फीस लेने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि ये एक्ट गुजरात मॉडल पर आधारित है। एक्ट में दोबारा विचार करके इसे मास्टर प्लान के तहत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आर्किटेक्ट के ऊपर भी चेक रखने और लोगों के भवनों के नक्शों को तैयार करने में सुस्ती न बरतने के लिए आदेश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को एक्ट के ऊपर फिर से विचार करना चाहिए।
यूएलबी काउंसिल में करेंगे संशोधन

बैठक में प्रादेशिक यूएलबी काउंसिल में मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल की तर्ज पर बनाने के बारे में चर्चा की गई। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी का गठन टिकेंद्र पंवर की अध्यक्षता में किया जाएगा। कमेटी के ड्राफ्ट के बारे में अगली बैठक में चर्चा होगी।
बैठक में इन्होंने भी जताया विरोध

बैठक में रोहड़ू नगर परिषद अध्यक्ष राज कुमार निट्टू, रामपुर के हरीश चंद्र, मंडी के बंसी लाल, राजगढ़ नगर पंचायत के दिनेश आर्या, कुल्लू के ऋषभ कालिया, नारकंडा के ओम प्रकाश ने भी संशोधित एक्ट का पूरी तरह से विरोध किया।
घरेलू और व्यवसायिक श्रेणियां बनाई जाए: संजय चौहान
नगर निगम शिमला के मेयर संजय चौहान ने कहा कि टीसीपी एक्ट को दाे श्रेणियों में विभाजित किया जाना चाहिए। इसमें पहली श्रेणी घरेलू और दूसरी व्यवसायिक श्रेणी बनाई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि घरेलू श्रेणी में फीस की दरें कम रखी जाएं, जबकि व्यवसायिक में भवन, पीजी, कारोबार देखकर फीस तय की जाए। उन्होंने भवन मालिकों की ओर से जमा करवाई जाने वाली कंपाउंडिंग फीस का पूरा हिस्सा भी यूएलबी को देने की मांग की है। जो कि सरकार ने यूएलबी और प्रदेश सरकार में बराबर बांटा हुआ है।
एक्ट को खारिज करके दोबारा करें विचार

- भवनों में तोड़-फोड़ न की जाए, वो जैसे हैं उन्हें वैसे ही रहने दिया जाए
- फ्लोर के अनुसार टैक्स लगाया जाए, न कि भवनों के अनुसार
- घरेलू, व्यवसायिक श्रेणियां टैक्स के लिए बनाई जाए
- शत-प्रतिशत कंपाउंड फीस निकायों को मिले
- कुल्लू बाजार में परिषद की संपत्ति को पुलिस बूथ बनाने का विरोध जताया
फोटो- शहरी स्थानीय नगर निकाय संघ की बैठक में भाग लेते प्रतिनिधि।