शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को जिला उपायुक्त कार्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में दो टूक शब्दों में फीस बढ़ोतरी के फैसले को वापस न लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब छात्र मालरोड पर घूमते हुए 200 रुपये खर्च कर सकते हैं तो वह विश्वविद्यालय की फीस भी दे सकते हैं। उनकी इस बात से साफ है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी का फैसला फिलहाल वापस नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्तर पर लिया है। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश के साथ लगते अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में जितनी फीस है, बढ़ोतरी के बावजूद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस ढांचा उससे काफी कम है।
एचपीयू में भर्ती शुरू
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हर विभाग में खाली पदों को भरने के लिए भी प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षकों की भर्ती के लिए विवि प्रशासन की आेर से विज्ञापन जारी कर दिया है। ऐसे में छात्रों की आैर से शैक्षणिक माहौल खराब करने के लिए किए जा रहे आंदोलनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निदेशकों के इस्तीफेे भी नामंजूर
एचपी यूनिवर्सिटी में अधिकारियों के इस्तीफे की तरह ही छह निदेशकों के इस्तीफे भी नामंजूर कर दिए हैa। इन्होंने अपने इस्तीफे कुलपति को भेजे थे, जिसे शनिवार को मंजूर नहीं किया गया। कुलपति की ओर से सभी निदेशकों को काम पर वापस आने के लिए कहा गया है। इस बारे में सभी को अलग से पत्र भी जारी किए गए हैं। ऐसे में शनिवार को भी निदेशकों ने अपने कार्यालय में अपना काम हर रोज की तरह किया।