झंडूता। विकास खंड झंडूता की बलघाड़ पंचायत के एक वार्ड मेंबर की तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई। वीरवार सुबह वार्ड मेंबर सुभाष चंद का खून से लथपथ शव एक सुनसान जगह से बरामद हुआ। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। उनकी पत्नी निर्मला और बच्चों समेत परिवार के सभी सदस्य जहां गहरे सदमे में हैं, वहीं गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की छानबीन
सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान बाबूराम मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को भी इस घटना की सूचना दी। पता चलते ही काफी संख्या में आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। सुभाष चंद की गर्दन, पेट व शरीर के कई अन्य भागों पर तेजधार हथियारों के गहरे घाव थे। शव देखकर लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बताया जा रहा है कि सुभाष चंद बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। वह दूसरों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। ऐसे में उनकी हत्या किसने और क्यों की, यह सवाल लोगों के मन में बार-बार उठ रहा है। इसी बीच जानकारी मिलने पर बिलासपुर से एसपी अशोक कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से पुलिस को कुछ साक्ष्य भी मिले हैं। उनके आधार पर मामले की गहन छानबीन की जा रही है।
बुधवार शाम को गैहरी-कोलका में गए थे शादी में
जानकारी के अनुसार बलघाड़ पंचायत के वार्ड मेंबर अमरोआ निवासी सुभाष चंद (57) गत बुधवार को साथ लगते गैहरी-कोलका गांव में एक शादी में गए थे। रात को वह घर वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने सोचा कि शायद रात अधिक हो जाने की वजह से वह शादी समारोह वाले घर में या किसी अन्य परिचित के पास ही रुक गए होंगे। वीरवार सुबह गैहरी-कोलका निवासी नारायण दास अपने कुछ रिश्तेदारों को सड़क तक छोड़ने जा रहे थे। सड़क से कुछ ही दूरी पर उन्होंने एक व्यक्ति को खून से लथपथ अवस्था में जमीन पर पड़े देखा। नजदीक जाकर देखने पर पता चला कि वह वार्ड मेंबर सुभाष चंद थे। उन्होंने तुरंत पंचायत प्रधान बाबूराम को इसकी सूचना दी।
गोली लगने से बालक की मौत
बैजनाथ | बैजनाथ के समीपवर्ती गांव रजेड़ के जंगल में गोली लगने से 11 वर्षीय बालक की मौत। वीरवार देर शाम रजेड़ गांव का मोनू कुमार जंगल में लकड़ियां एकत्रित करने गया था। लेकिन उसी समय जंगल में अवैध शिकार के लिए घात लगाए बैठे अज्ञात शिकारी ने उसे जंगली जानवर समझ कर गोली दाग दी। ग्रामीणों ने गोली की आवाज सुनने पर जब जंगल में जाकर देखा तो मोनू कुमार खून से लथपथ घायल अवस्था में पड़ा था। जिसे ग्रामीण उपचार के लिए तत्काल बैजनाथ अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात शिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने रजेड़ व आसपास के गांव के ग्रामीणों को लाइसेंस शुद्धा राइफलों को थाना में निरीक्षण के लिए एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। जिससे यह पता लगाया जा सके कि किस राइफल से फायर दागा गया है।