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Test Article by hemendra

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Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 01:00 PM IST
अम्बाला। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन में आतंकियों को ढूंढने के लिए चलाए जा रहे सर्च आॅपरेशन के दौरान गरुड़ कमांडो फ़ोर्स के गुरसेवक और शैलभ की नजर सबसे पहले झाड़ियों में छिपे आतंकियों पर पड़ी। उन्होंने आतंकियों को देखते ही फायर किए। आतंकियों ने भी फायरिंग शुरु कर दी। इसमें शैलभ को 6 गोली लगी। इसके बावजूद वे 1 घंटे तक आतंकियों से लड़ते रहे।
मॉडलिंग का है शौक: शैलभ के बड़े भाई वैभव ने बताया कि शैलभ को मॉडलिंग का शौक है। वे अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग किया करते थे।
एक हुआ शहीद तो दूसरे का चल रहा इलाज...
हरियाणा के गरनाला में रहने वाले गरुड़ कमांडो गुरसेवक सिंह दुश्मनों से टक्कर लेते हुए शहीद हो गए। वहीं, दलीपगढ़ के रहने वाले गरुड़ कमांडो शैलभ गौड़ मुठभेड़ में घायल हो गए थे। उन्हें पेट में 6 गोलियां लगी थीं। फिलहाल उनका इलाज पठानकोट के सेना अस्पताल में चल रहा है।
आगे की स्लाइडस में देखें अस्पताल में भर्ती कमांडो शैलभ की PHOTOS....