बड़े जतन से अपने छुट्टन मियां को एक गर्लफ्रेंड नसीब हो पाई।
सूरत भी कबाड़ के टूटे हुए कनस्तर सी तो पसंद कौन करता, खैर मालिक सबके बारे में सोचता है।
पट ही गई थोड़ी सी ठीक-ठाक उनकी केटेगरी की।
छुट्टन भाई गर्लफ्रेंड के साथ एकांत पार्क में डेटिंग पर गए।
गर्लफ्रेंड- क्या कर रहे हो, इधर-उधर काहे छू रहे हो मुझे गुदगुदी हो रही है और दूसरे लौंडे देख रहे हैं।
छुट्टन-हाए..हाए इधर-उधर नहीं तो किधर छुएं?
गर्लफ्रेंड- कहीं नहीं, बस रोमांटिक बातें करो।
और हां मुझे जहां भी छूना हो, तो इंतजार करो शादी के बाद जहां मन करे मुझे वहां-वहां छूना।
छुट्टन- अरे वाह शादी के बाद तुम्हारे हसबैंड को तो एतराज नहीं होगा!