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मैं तो जंगल के मैदान में लोटा लेकर बैठा था।

8 वर्ष पहले
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जख्मी नंदू लाल डॉक्टर के पास करहाते हुए पहुंचे- डॉक्टर साहब जल्दी पट्टी कर दीजिए बहुत बुरा हाल है।
डॉक्टर- अमा खा क्या हुआ तुम्हारे पिछवाड़े पर तो गजब की खरोंच है।
नंदू लाल- क्या बताएं एक लडक़ी ने अपनी स्कूटर से ठोंक दिया।
डॉक्टर- अमा खां गलती तुम्हारी है।
नंदू लाल- अरे साहब क्या बात करते हैं, ठोका उसने और गलती मेरी!
डॉक्टर- बिल्कुल, जब तुम्हे पता था कि लडक़ी गाड़ी चला रही है, तो सडक़ के किनारे हो जाते।
नंदू लाल- अरे साहब काहे की सडक़ और काहे के किनारे मैं तो जंगल के मैदान में लोटा लेकर बैठा था। वहां भी नहीं छोड़ा मुझे!