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वाटरगेट : जब दो रिपोर्टर्स ने यूएस प्रेसिडेंट को किया इस्तीफा देने पर मजबूर / वाटरगेट : जब दो रिपोर्टर्स ने यूएस प्रेसिडेंट को किया इस्तीफा देने पर मजबूर

आइए जानते हैं क्या था वाटरगेट स्कैंडल? जिसे अमेरिकी इतिहास में काले अक्षरों से लिखा जाता है।

Sep 24, 2015, 01:36 PM IST
वाटरगेट मामले की रिपोर्टिंग करने वाले बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन। वाटरगेट मामले की रिपोर्टिंग करने वाले बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन।
इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली में शिरकत करने न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। इस असेंबली में पीएम मोदी समेत दुनिया के शीर्ष नेता आएंगे। ओबामा न्यूयॉर्क में हमेशा वाल्डोर्फ-एस्टोरिया होटल में ठहरते थे, लेकिन अथॉरिटी ने इस बार जासूसी के डर से उनका होटल बदल दिया। दरअसल, इस साल चीन की एक कंपनी ने वाल्डोर्फ-एस्टोरिया होटल को 100 साल के लिए खरीद लिया है। ऐसे में अमेरिका को डर है कि अगर ओबामा इस होटल में ठहरते हैं तो चीन सरकार के कहने पर उनकी जासूसी भी की जा सकती है।
इससे पहले भी अमेरिका चीन पर साइबर हमले करने और जासूसी का आरोप लगाता रहा है, जिसको लेकर दोनों देशों के रिश्ते खराब रहे हैं। वहीं, अमेरिका और जासूसी का रिश्ता भी बेहद पुराना है। 70 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को जासूसी करवाने के मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। उस दौर में वॉशिंगटन पोस्ट के दो पत्रकार बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन ने वाटरगेट स्कैंडल को उजागर किया था। उन्हें इनवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग के लिए जर्नलिज्म का प्रतिष्ठित पुल्तिजर अवॉर्ड मिला। आइए जानते हैं क्या था वाटरगेट स्कैंडल? जिसे अमेरिकी इतिहास में काले अक्षरों से लिखा जाता है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, वाटरगेट स्कैंडल की पूरी कहानी...
वॉशिंगटन पोस्ट लगातार न्यूज पब्लिश कर रहा था और रिचर्ड निक्सन स्कैंडल में अपना हाथ न होने की दुहाई देते रहे। वॉशिंगटन पोस्ट लगातार न्यूज पब्लिश कर रहा था और रिचर्ड निक्सन स्कैंडल में अपना हाथ न होने की दुहाई देते रहे।
क्या था वाटरगेट स्कैंडल?
रिपब्लिकन पार्टी के नेता और तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन दोबारा राष्ट्रपति बनना चाहते थे। इसके लिए उनके प्रतिद्वंद्वी पार्टी डेमोक्रेट के मंसूबों को पता करने के लिए उन्होंने जासूसी शुरू कर दी। निक्सन ने निजी स्वार्थों को पूरा करने के लिए सरकारी अधिकारों और मशीनरी का दुरुपयोग करे हुए डेमोक्रेट पार्टी के हेडक्वार्टर में फोन टेप करवाए। उन्होंने वॉशिंगटन डीसी स्थित वाटरगेट कॉम्पलेक्स में डेमोक्रेट नेशनल पार्टी के हेडक्वार्टर ऐसी मशीन लगाईं, जिससे वहां होने वाली बातें निक्सन सुन सकें। इस वाटरगेट स्कैंडल का खुलासा 17 जून 1972 को हुआ था। घटना के दिन सिक्युरिटी गार्ड फ्रैंक विल्स ने कॉम्पलेक्स के दरवाजों को खुला पाया और उसने कई टेप बरामद किए। मामले की रिपोर्ट पुलिस की गई। 
वाटरगेट कॉम्पलेक्स से अरेस्ट हुए थे पांच लोग। वाटरगेट कॉम्पलेक्स से अरेस्ट हुए थे पांच लोग।
वॉशिंगटन पोस्ट ने शुरू की आगे की कहानी
पुलिस ने हेडक्वार्टर से पांच लोगों को अरेस्ट किया। उनके पास से वॉकी-टॉकी, दरवाजे अटकाने का सामान, एक रेडिया स्कैनर (पुलिस की फ्रिक्वैंसी पता लगाने में सक्षम), दो कैमरे और आंसू गैस की बंदूकें मिली। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इनमें से एक आदमी सीआईए का कर्मचारी रह चुका था। उस दौर में अमेरिकी मीडिया ने इसे सामान्य घटना माना। लेकिन वॉशिंगटन पोस्ट के एडिटर बेन ब्रेडली ने इस मामले के भविष्य को भांप लिया था। उन्होंने अपने दो यंग रिपोर्टर बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन को मामले के पीछे लगा दिया। बस यहीं से प्रेसिडेंट रिचर्ड निक्सन के इस्तीफे की कहानी शुरू होती है।
वाटरगेट स्कैंडल की रिपोर्टिंग के दौरान दोनों रिपोटर अपने एडिटर ब्रेडली के साथ। वाटरगेट स्कैंडल की रिपोर्टिंग के दौरान दोनों रिपोटर अपने एडिटर ब्रेडली के साथ।
एफबीआई की जांच से आगे चल रहे थे दोनों रिपोर्टर
अरेस्ट हुए लोगों के नाम नोटबुक में कोडवर्ड में लिखे हुए थे, जिनके फोन टैप किए जाने थे। मामला बिगड़ता देख इसकी जांच एफबीआई को सौंप दी गई। वहीं, बुडवर्ड और बर्नस्टाइंन ठीक वही न्यूज छाप रहे थे, जिनके सुराग एफबीआई को मिलते थे। दोनों यंग रिपोर्टर्स को एक सोर्स से खबरें मिल रही थी, जिसे जानने के लिए प्रेसिडेंट निक्सन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। ये सोर्स 'डीप थ्रोट' के नाम से जाना जाता था।
निक्सन के इस्तीफा देने के अगले दिन वॉशिंगटन पोस्ट का फ्रंट पेज। निक्सन के इस्तीफा देने के अगले दिन वॉशिंगटन पोस्ट का फ्रंट पेज।
निक्सन को देना पड़ा इस्तीफा?
ये डीप थ्रोट कोई और नहीं, बल्कि एफबीआई के उपनिदेशक डब्ल्यू मार्क फैल्ट थे। दोनों रिपोर्टर्स ने इनका नाम इतना सीक्रेट रखा कि घटना के तीस साल बाद उनका नाम सार्वजनिक हुआ था। 1972 से लेकर अगले दो साल तक वॉशिंगटन पोस्ट मामले से जुड़ी न्यूज छापता रहा। इस पूरे स्कैंडल में व्हाइट हाउस का नाम जुड़ा। अंत में कोर्ट और मीडिया प्रेशर के कारण प्रेसिडेंट निक्सन ने स्कैंडल में उनका हाथ होना स्वीकार किया और आठ अगस्त 1974 को इस्तीफा दे दिया। वे अमेरिका के एकमात्र इस्तीफा देने वाले प्रेसिडेंट भी हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के लिए इनवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करने के लिए दोनों रिपोर्टर्स को पुल्तिजर अवॉर्ड मिला और वॉशिंगटन पोस्ट अमेरिका का सबसे विश्वसनीय न्यूजपेपर बन गया।
फाइल फोटो: डीप थ्रोट के नाम से मशहूर मार्क फैल्ट। फाइल फोटो: डीप थ्रोट के नाम से मशहूर मार्क फैल्ट।
डीप थ्रोट के बारे में?
डीप थ्रोट 70 के दशक की एक मशहूर मूवी थी। उसी के नाम पर मार्क फैल्ट का नाम रखा गया था। दोनों रिपोटर्स ने कहा था कि वह डीप थ्रोट का नाम तभी उजागर करेंगे, जब उनकी मौत हो जाएगी। लेकिन 2005 में खुद फैल्ट ने मीडिया के सामने अपना सच उजागर किया था। फैल्ट ने रिपोर्टर्स को बताया था कि वे किस तरह से मामले की जांच करें। हालांकि यह मालूम नहीं हो सका कि फैल्ट ने इस मामले को उजागर करने का फैसला क्यों किया। वॉशिंगटन पोस्ट का कहना था कि वे एफबीआई की जांच को प्रभावित करने के निक्सन के फैसलों से नाराज थे।
फाइल फोटो: बेन ब्रेडली। फाइल फोटो: बेन ब्रेडली।
वो संपादक, जिसने भविष्य देख लिया था
उस दौर में वॉशिंगटन पोस्ट के एडिटर बेन ब्रेडली को जब यह पता चला कि अरेस्ट हुए पांच लोगों में एक सीआईए का पूर्व कर्मचारी है तो उनका माथा ठनक गया। उन्होंने ऐतिहासिक स्कैंडल का भविष्य देख लिया था। इसलिए उन्होंने बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन को इस मामले के पीछे हाथ धोकर पीछे पड़ जाने का आदेश दिया। ब्रेडली 1968 से 1991 तक न्यूजपेपर के एग्जिक्यूटिव एडिटर रहे। इस दौरान उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट को अमरीका का सबसे प्रतिष्ठित न्यूजपेपर बना दिया। 2013 में ओबामा ने उन्हें अमेरिका के सबसे बड़े नागरिक सम्मान- 'प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम' से सम्मानित किया था।
प्रेसिडेंट निक्सन द्वारा लिखा गया इस्तीफा। प्रेसिडेंट निक्सन द्वारा लिखा गया इस्तीफा।
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वाटरगेट मामले की रिपोर्टिंग करने वाले बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन।वाटरगेट मामले की रिपोर्टिंग करने वाले बॉब बुडवर्ड और कार्ल बर्नस्टाइंन।
वॉशिंगटन पोस्ट लगातार न्यूज पब्लिश कर रहा था और रिचर्ड निक्सन स्कैंडल में अपना हाथ न होने की दुहाई देते रहे।वॉशिंगटन पोस्ट लगातार न्यूज पब्लिश कर रहा था और रिचर्ड निक्सन स्कैंडल में अपना हाथ न होने की दुहाई देते रहे।
वाटरगेट कॉम्पलेक्स से अरेस्ट हुए थे पांच लोग।वाटरगेट कॉम्पलेक्स से अरेस्ट हुए थे पांच लोग।
वाटरगेट स्कैंडल की रिपोर्टिंग के दौरान दोनों रिपोटर अपने एडिटर ब्रेडली के साथ।वाटरगेट स्कैंडल की रिपोर्टिंग के दौरान दोनों रिपोटर अपने एडिटर ब्रेडली के साथ।
निक्सन के इस्तीफा देने के अगले दिन वॉशिंगटन पोस्ट का फ्रंट पेज।निक्सन के इस्तीफा देने के अगले दिन वॉशिंगटन पोस्ट का फ्रंट पेज।
फाइल फोटो: डीप थ्रोट के नाम से मशहूर मार्क फैल्ट।फाइल फोटो: डीप थ्रोट के नाम से मशहूर मार्क फैल्ट।
फाइल फोटो: बेन ब्रेडली।फाइल फोटो: बेन ब्रेडली।
प्रेसिडेंट निक्सन द्वारा लिखा गया इस्तीफा।प्रेसिडेंट निक्सन द्वारा लिखा गया इस्तीफा।
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