नई दिल्ली/रियाद. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को ठोस आधार देते हुए सात समझौते किए हैं। दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा, ऊर्जा क्षेत्र तथा आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई की सशस्त्र सेना के उपमुख्य कमांडर जनरल शेख मुहम्मद बिन जायद अल नाहयान में बातचीत के दौरान ये समझौते हुए। नाहयान अबूधाबी के युवराज भी हैं। आतंकवाद को साझा खतरा मानते हुए उसे खत्म करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया गया।
यूएई ने भारत के ढांचागत क्षेत्र में निवेश करने और रणनीतिक तेल भंडार में योगदान देने का इरादा जताया। यूएई पहले ही भारत में तेल भंडारण के लिए सहमत हो चुका है। विशाखापट्टनम, मेंगलुरू और पदुर में 53.3 करोड़ टन कच्चा तेल भूमिगत स्टोरेज में रखा जाएगा। भारत दो तिहाई तेल का मुफ्त में इस्तेमाल कर सकेगा।
चार समझौतों पर दस्तखत हुए, तीन पर आज मुंबई में होंगे
प्रधानमंत्री मोदी और नाहयान के बीच गुरुवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद चार समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। शेष समझौतों पर शुक्रवार को मुंबई में दस्तखत होंगे। बैठक में सुषमा स्वराज राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।