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ISIS चीफ के मरने की बात झूठी! 18 महीने बाद फिर से दिखा बगदादी

5 वर्ष पहले
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बगदाद. आईएसआईएस का सरगना और खुद को खलीफा कहने वाला अबु बक्र अल-बगदादी 18 महीने बाद फिर दिखाई दिया है। इराक के फल्लुजाह की एक मस्जिद में कुछ लड़कों के साथ उसकी बातचीत का फुटेज जारी हुआ है। अगर फुटेज सही साबित होती है, तो उसकी कथित मौत के दावे पर सवालिया निशान लग जाएंगे। क्विज कॉम्पिटीशन के दौरान मौजूद था बगदादी...
- इराक और सीरिया के बड़े हिस्से को इस्लामिक स्टेट बनाने वाले बगदादी की फुटेज लोकल इराकी टेलीविजन पर देखी गई।
- इसमें लड़कों के एक ग्रुप के बीच लंबी दाढ़ी वाला शख्स स्पीच दे रहा है। वह खुद को खलीफा इब्राहिम बताता है।
- उसके ठीक पीछे बैनर पर 'आईएस द्वारा स्पॉन्सर्ड कुरान याद करने का कॉम्पिटीशन, विनर्स को बगदादी की ओर से प्राइज मिलेगा' लिखा है।
कौन है बगदादी?
- बगदादी आतंकी संगठन आईएसआईएस का चीफ है। अबु मुसाब अल-जरकावी की मौत के बाद बगदादी संगठन का चीफ बना।
- 29 जून, 2014 को बगदादी ने इराक और सीरिया के अधिकांश हिस्सों पर कब्जा कर इस्लामिक स्टेट का एलान करते हुए खुद को खलीफा घोषित किया था।
- अमेरिका ने इस आतंकवादी पर 10 मिलियन डॉलर (करीब 68 करोड़ रुपए) का इनाम रखा है।
पीएचडी डिग्री होल्डर है बगदादी

- बगदादी का जन्म 1971 में उत्तरी बगदाद के सामरा में हुआ था। उसका असली नाम अव्वाद इब्राहिम अली अल-बद्री है।
- इसकी पहचान संगठन में बैटल फील्ड कमांडर और टेक्नीशियन के रूप में है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आतंकी बगदादी से खासे इन्सपायर्ड हैं।
- कहा जाता है कि बगदादी इस्लामिक स्टडीज में पीएचडी है। वह चार साल इराक के बुक्का में यूएस प्रिजन कैम्प में भी रह चुका है।
- इसी दौरान बगदादी ने कैम्प में बंद दूसरे आतंकियों से संपर्क बढ़ाया। बुक्का डिटेन्शन कैम्प से उसे 2009 में छोड़ा गया था।
आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...
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