दुबई. सीरिया में प्रमुख देशों के सीजफायर के फैसले के बावजूद राष्ट्रपति बशर अल असद के सपोर्ट रूसी बमबारी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में असद का कंट्रोल नहीं हो जाने तक इसे जारी रखने का उनका संकेत है। कब हुआ लड़ाई रोकने का फैसला?...
- शुक्रवार देर रात जर्मनी के म्यूनिख में यह डील इस मकसद से की गई, ताकि युद्धग्रस्त इलाकों में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।
- यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसीज ने सीजफायर होते ही राहत सामग्री पहुंचाने की घोषणा भी कर दी थी।
- यह डील ऐसे वक्त में हुई है, जब रूसी जेट्स की हवाई कार्रवाई के जरिए असद के सैनिक पांच वर्ष से चल रही लड़ाई में बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे थे।
- इस डील में रूस भी शामिल था, लेकिन सीजफायर की सहमति के बावजूद इसके औपचारिक घोषणा नहीं की जा सकी।
1 करोड़ से ज्यादा लोग छोड़ चुके हैं सीरिया
- सीरिया में बीते कुछ सालों में करीब 2 लाख 60 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
- यूएन के मुताबिक 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोगों को सीरिया छोड़ना पड़ा है।
सीरिया में कई मोर्चों पर चल रही है लड़ाई
- पिछले 5 साल के दौरान सीरिया जंग के इलाके में तब्दील हो चुका है। वहां कई मोर्चे बने हुए हैं।
- एक ओर सीरियन गवर्नमेंट और बागी गुटों के बीच लड़ाई चल रही है तो वहीं, सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा चुका आईएसआईएस भी खून-खराबा और तबाही मचा रहा है।