फोटो: पुलिसकर्मी एरिक पार्कर (दाएं) की मारपीट से लकवाग्रस्त भारतीय सुरेशभाई।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका में भारतीय के साथ पुलिस बर्बरता का मुद्दा गरमा गया है। इस कड़ी में उस पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने सुरेशभाई से मारपीट की थी। अमेरिकी एजेंसी एफबीआई इस घटना की जांच करेगी। गौरतलब है कि गुजरात के रहनेवाले सुरेशभाई अपने बेटे से मिलने अमेरिका पहुंचे थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की, लेकिन उन्होंने कहा कि वे अंग्रेजी नहीं जानते। उसके बाद पुलिस ने उनके साथ वैसा व्यवहार किया, जो शायद किसी आतंकी के साथ भी करती। सुरेश भाई के घरवालों ने कहा है कि वे अमेरिकी पुलिस पर मुकदमा करेंगे।
अहमदाबाद में सुरेश भाई की पत्नी शकुंतला पटेल ने अमेरिकी सरकार से मांग की है कि वह उनके पति के इलाज का पूरा खर्च उठाए। पुलिस बर्बरता के बाद सुरेशभाई को आंशिक रूप से लकवा हो गया है। वे अस्पताल में भर्ती हैं। भारत सरकार ने भी अमेरिका से इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस बीच, कई मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना को पुलिस की नस्लीय कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बिना उकसावे के की मारपीट: पटेल के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे हांक शेरोड ने बताया कि पुलिस अफसर को उकसाया नहीं गया। इसके बावजूद उसने हिंसा की और पटेल को जमीन पर धक्का मारा। जिससे वह लकवाग्रस्त हो गए।
भारत ने अमेरिका से कहा- दोषी को सख्त सजा दो
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि भारत ने यह मुद्दा अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष उठाया है। और दोषी को सख्त सजा देने की मांग की है। विदेश मंत्रालय के अमेरिकी प्रकोष्ठ के प्रभारी ने अमेरिकी दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी को साउथ ब्लॉक में बुलाया।
पुलिस की दलील
मेडिसन पुलिस के मुताबिक, एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचना मिली थी। इसलिए उन्होंने पटेल से पूछताछ की और वे उसकी तलाशी लेना चाहते थे। उन्हें नीचे गिराया गया जिसके कारण वह लकवाग्रस्त हो गए। मेडिसन पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं।
क्या हुआ था?
सुरेश भाई पटेल (57) अलबामा के हंट्सविले में बसे अपने बेटे चिराग के साथ रहने के लिए 30 जनवरी को अमेरिका आए थे। चिराग ने बताया, "पिता जी पास में फुटपाथ पर टहलने गए थे। उन्हें अंग्रेजी नहीं आती। एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें रोका और पूछताछ की। उन्होंने टूटी-फूटी अंग्रेजी में उन्हें बताने की कोशिश की और घर का नंबर बताया। कागज निकालने के लिए जेब में हाथ डाला, तभी उस अफसर ने उन्हें धक्का देकी पीटना शुरू कर दिया।"