लंदन। ब्रिटेन के हाई प्रोफाइल इस्लामिक धर्मगुरु अंजम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौधरी सहित नौ अन्य लोगों को गुरुवार सुबह स्कॉटलैंड यार्ड आतंकवाद विरोधी दस्ते ने गिरफ्तार किया। उनपर आतंकवाद को बढावा देने का आरोप है।
पुलिस ने इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन उन्हें एक वर्जित संस्था का सदस्य होने, उसे मदद पहुंचाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने के संदेह में गिरफ्तार किया गया।
अंजम चौधरी कट्टरपंथी संगठन अल-मुहाजिरों के प्रवक्ता रह चुके हैं। बाद में इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि, इसे बार-बार नए नामों से शुरू किया गया।
विवादास्पद बयान देने के कारण चौधरी चर्चा में रह चुके हैं, लेकिन कानून की पकड़ से हमेशा बाहर ही रहे। वो पूर्व वकील हैं और खुद को धर्मगुरु बताते हैं। उन्हें शरिया कानून की भी जानकारी है।
गुरुवार सुबह उनका
मोबाइल फोन स्विच ऑफ था। जिस चैट ग्रुप पर वो लोगों से बातचीत करते थे, उस पर भी वो उपलब्ध नहीं थे। चैट ग्रुप पर उनकी आखिरी एक्टिविटी सुबह 5.33 बजे दिख रही थी। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों की उम्र 22 से 51 वर्ष तक है।
पुलिस के अनुसार, लंदन के कुल 19 लोकेशन्स पर छापे मारे गए, जिनमें घर और व्यावसायिक जगहें थीं।
पुलिस स्टेटमेंट में कहा गया, "इस्लामिक आतंकवाद के चलते ये सभी गिरफ्तारियां की गई हैं। नागरिकों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।"
चौधरी के सबसे नई संस्था का नाम 'need4khilafah' है। अल-मुजाहिरों के पूर्व प्रवक्ता उमर बकरी के देश छोड़ने के बाद वो इस संस्था के प्रवक्ता बने।