पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भावनाओं की तीव्रता से कहानी लिखने वाला, आखिरी समय तक छुपाता रहा बीमारी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विश्वविख्यात रूसी कथाकार और नाटककार अंतोन पाव्लोविच चेखव का जन्म दक्षिण रूस के तगानरोग में 29 जनवरी, 1960 को हुआ था। उन्होंने कथा साहित्य में एक नए युग की ही शुरुआत की थी। वह यथार्थवादी रचनाकार थे। उनकी कहानियों और नाटकों में रूसी मध्यवर्ग के जीवन का चित्रण हुआ है।
चेखव बहुत ही संवेदनशील रचनाकार थे। उनकी कई कहानियों में काव्यात्मक आस्वाद मिलता है। चेखव पेशे से डॉक्टर थे। साहित्य रचना के साथ-साथ डॉक्टरी का पेशा उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। एक बार उन्होंने मजाक में कहा था - मेडिसिन मेरी लॉफुल वाइफ है और लिटरेचर मिस्ट्रेस।
शुरुआत में चेखव ने पैसों के लिए लिखना शुरू किया, पर बाद में उन्होंने साहित्य में नए प्रयोग किए मॉडर्न शॉर्ट स्टोरी के विकास में युगांतरकारी भूमिका निभाई। चेखव ने सबसे पहले 'स्ट्रीम ऑफ कॉन्सशनेस' टेक्नीक का अपनी कहानियों में प्रयोग किया, जिसे बाद में जेम्स ज्वॉइस और दूसरे मॉडर्निस्ट लेखकों अपनाया।
इन्होंने परंपरागत कहानियों में आने वाले नैतिकतावादी आग्रहों को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना था कि एक आर्टिस्ट का काम सवाल खड़े करना है, न कि उनका जवाब देना।
चेखव के नाटक 'द सैगल', 'अंकल वान्या' और 'थ्री सिस्टर्स' विश्वप्रसिद्ध हैं। चेखव अपने नाटकों के मंचन में बहुत रुचि लेते थे और उनके रिहर्सल के दौरान खुद मौजूद रहते थे। 1896 में जब 'द सैगल' का प्रदर्शन हुआ तो वह बुरी तरह असफल हो गया। अपने नाटकों की असफलता से चेखव बहुत निराश हो जाते थे, यहां तक कि उन पर डिप्रेशन तक का दौरा पड़ जाता था।
इस नाटक का पुनर्मंचन 1898 में मॉस्को आर्ट थिएटर ने कॉन्सटैंटिन स्टानिस्लावस्की ने किया। इसे आशातीत सफलता मिली। मॉस्को आर्ट थिएटर ने ही उनके दूसरे नाटकों 'अंकल वान्या' और 'थ्री सिस्टर्स' का मंचन किया। इन नाटकों और चेखव की कहानियों का दुनिया की सभी महत्त्वपूर्ण भाषाओं में अनुवाद हुआ। उनके नाटकों को मंचन आज भी होते हैं।
आगे पढ़ें: कहानियों पर रूसी समाज का प्रभाव...