फोटो: मरमेड सिंड्रोम से पीड़ित बच्ची
लंदन। कहानियों में सुनी जाने वाली जलपरियां हकीकत में होती हैं या नहीं, अब इस राज से पर्दा उठ चुका है। जल परियों जैसे शरीर वाले कई अजीबोगरीब इंसानी बच्चे जन्म ले चुके हैं, जो डॉक्टरों के लिए रिसर्च का विषय बने हुए थे। पेशे से एक मेडिकल हिस्टोरियन लिंडसे फिट्स हैरिस का कहना है कि जलपरी की पूरी अवधारणा इंसानों को होने वाली एक मेडिकल कंडिशन से जुड़ी है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पासआउट लिंडसे ने कहा है कि इस मेडिकल कंडिशन को साइरनोमेलिया कहा जाता है। इस कंडीशन को मरमेड सिंड्रोम नाम से भी जाना जाता है। किसी नवजात के पैर नीचे से चिपके होते हैं। ये इस कारण होता है क्योंकि जब गर्भ में विकास के दौरान मां की गर्भनाल दो धमनियां बनाने में असफल हो जाती है, तो बच्चे के पैर अलग नहीं हो पाते हैं। ऐसे बच्चों के अंग चिपके हुए ही बढ़ते हैं।
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