ढाका। बांग्लादेश में सरकार ने बाल
विवाह रोकने के लिए सख्त कानून को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार बाल विवाह करते पकड़े जाने पर माता-पिता ही नहीं, दूल्हे और मैरिज रजिस्ट्रार को भी सजा मिलेगी। उन्हें दो साल तक की कैद हो सकती है।
प्रधानमंत्री शेख हसीना की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस कानून को मंजूरी दी गई। इसके अनुसार महिलाओं को जेल नहीं भेजा जाएगा। बांग्लादेश में शादी की न्यूनतम उम्र सीमा पुरुष के लिए 21 साल और महिला के लिए 18 साल है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक यहां बाल विवाह के दो तिहाई मामले प्रकाश में आए हैं। बांग्लादेश के कैबिनेट सचिव मुशर्रफ हुसैन भुइयां ने कहा कि संसद के अगले सत्र में यह कानून पारित हो जाएगा।
1929 से है कानून
बांग्लादेश में 1929 के कानून के मुताबिक, बाल विवाह के दोषियों को एक महीने की जेल और 1,000 टका (बांग्लादेशी मुद्रा) जुर्माने का प्रावधान था। बाद में जुर्माने की रकम बढ़ा कर 10,000 टका कर दी गई थी।