ओटावा। कनाडा की सुप्रीम कोर्ट ने मृत्यु के अधिकार पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने का फैसला दिया है। इसके बाद अब असहनीय बीमारी की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टरों की सहायता से मौत पाने का अधिकार होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो भी युवा शारीरिक या मनौवैज्ञानिक रूप से ऐसी असहनीय बीमारी से पीड़ित है। बीमारी लंबे समय तक चलने वाली है और जिसका इलाज असंभव नहीं है तो उसे डॉक्टरों की सहायता से मौत पाने का अधिकार है। यह फैसला एक साल के अंदर लागू होगा।
कोर्ट ने फैसले में कहा, ''हम इस बात से सहमत नहीं हैं कि मौजूदा जीने के अधिकार के लिए मौत के अधिकार पर रोक लगाने की जरुरत है।'' कोर्ट ने 1993 में डॉक्टर की सहायता से मरने के अधिकार पर प्रतिबंध लगाया था। कोर्ट ने प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया कि यह प्रतिबंध पूर्ण रूप से लागू होना चाहिए।
न्यूरो डिजेनरेटिव बीमारी से पीड़ित ग्लोरिया टेलर मौत के अधिकार को लेकर 2011 में इस वाद से जुड़ी और 2012 में उनकी इस बीमारी से मौत हो गई। अपनी मौत के लिए स्विट्जरलैंड गईं एक महिला का परिवार भी इस मामले में वादी था। गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड में डॉक्टरों की सहायता से मौत का काूननी अधिकार है।