बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य एशिया के देशों से धार्मिक चरमपंथ और साइबर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाने की अपील की है।
चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने यह बात तजाकिस्तान की राजधानी में अपने अशांत शिनजियांग क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं के संदर्भ में कही और पड़ोसी देशों से इस लड़ाई में आगे आने की अपील की है।
चीन का कहना है कि उइगर मुसलमानों के बहुमत वाले पश्चिमी क्षेत्र के पृथकतावादी गुट अपना अलग पूर्वी तुर्केस्तान देश बनाना चाहते हैं और उनका संपर्क मध्य एशिया तथा पाकिस्तान के आतंकियों से है। चीनी सरकार का कहना है कि अलगाववादी, आतंकी गुटों से प्रभावित हैं और उन्हें सीमापार से ट्रेनिंग मिल रही है।
जिनपिंग ने कहा कि हमें तीन बुराइयों आतंकवाद, उग्रपंथ और अलगाववाद से लड़ना चाहिए और इस समय अपना ध्यान धर्म पर आधारित उग्रवाद और इंटरनेट आतंकवाद पर केंद्रित करना चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति ने यह अपील ताजिकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन के देशों के प्रमुखों की बैठक में की। इस बैठक में रूस, चीन के अलावा मध्य एशिया के देशों ने भाग लिया।