चीनी कैलेंडर के हिसाब से चीन का नया साल 31 जनवरी से शुरू हो रहा है। इसे स्प्रिंग फेस्टिवल और लूनर न्यू ईयर भी कहा जाता है। इस बार 2014 का लूनर ईयर होर्स यानी घोड़ा रखा गया है। यह 15 दिनों तक चलने वाला समारोह है। आखिर दिन लालटेन फेस्टिवल से इसकी समाप्ति हो जाती है। इस फेस्टिवल की शुरुआत दो हजार साल पहले हान राजवंश ने की थी।
फेस्टिवल में खाना सबसे अहम किरदार अदा करता है। इस दौरान पूरे देश में परंपरागत पकवान बनाए जाते हैं। पूरे घर की सफाई के साथ साफ-सफाई में काम आने वाले सभी औजारों को फेंक दिया जाता है। चीनियों का मानना है कि इससे दुर्भाग्य दूर भाग जाता है।
राक्षस की पुरानी मान्यता
लूनर ईयर के पीछे एक मान्यता है कि नियान नामक राक्षस साल के पहले दिन गांव में आता था। वह भूख मिटाने के लिए बच्चों, पशुओं और फसलों को खा जाता था। गांववालों ने इससे मुक्ति पाने के लिए उसके दरवाजे पर साल की पहली तारीख को बहुत सारा खाना छोड़कर आना शुरू कर दिया। इससे गांव वालों का जीवन सुरक्षित हो गया। ऐसी भी मान्यता है कि नियान राक्षस लाल रंग और पटाखों से बहुत डरता था। इसलिए लाल रंग और आतिशबाजी का प्रयोग इस त्यौहार में ज्यादा किया जाता है।
लग सकती है पटाखों पर रोक
गार्जियन अखबार के मुताबिक, संभव है कि चीनी सरकार इस बार पटाखों के अधिक इस्तेमाल पर रोक लगा सकती है। इसका कारण चीन में होने वाला वायु प्रदूषण है। चीन में सार्वजनिक रूप से आतिशबाजी करने का रिवाज है।