( फोटो: ब्राजील में ब्रिक्स समिट के दौरान हाथ मिलाते नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।)
इंटरनेशनल डेस्क। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एशिया के दौरे पर हैं। इसी बुधवार से शुरू हो रहा उनका भारत दौरा कई संभावनाएं लेकर आ रहा है। भारत को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने को लेकर बातचीत होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, दौरा सिर्फ व्यापार और निवेश के लिहाज से ही खास नहीं हैं। ये दौरा आमने-सामने बैठने वाले दोनों देशों के मुखियाओं की वजह से भी खास है।
चाहे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हों या फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों ही बहुत संघर्ष के बाद इन शीर्ष पदों पर पहुंचे हैं। नरेंद्र मोदी ने बचपन में चाय बेची है तो जिनपिंग ने कोयले के खदान में काम करके बचपन काटा। जिस उम्र में बढ़ते हुए बच्चे अच्छी शिक्षा पाने के लिए शहर का रुख करते हैं, उस उम्र में जिनपिंग को गांव में काम करने के लिए भेज दिया गया।
1953 में बीजिंग में जन्मे जिनपिंग आजाद चीन में पैदा होने वाले पहले राष्ट्रपति हैं। उनके क्रांतिकारी पिता शी जोंगशुन 1962 में माओ सरकार में उप प्रधानमंत्री थे। यह बड़ी हैरत की बात है कि उनकी बेटी नाम बदल कर अमेरिका में 24 घंटे चीनी सुरक्षा गार्डों की निगरानी में रहती है। वहीं, चीन में जिनपिंग का नाम भले ही कोई भूल जाए, लेकिन उनकी पत्नी का नाम हर किसी की जुबां पर होता है।
पेशे से केमिकल इंजीनियर जिनपिंग का निजी जीवन हमेशा रहस्यमय रहा है। यहां हम चीन पर हुकूमत करने वाले इस शख्स की जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं के बारे में बताने जा रहे हैं।
आगे जानिए, कैसे एक गांव की गुफा में रहने वाला शख्स बन गया चीन का राष्ट्रपति...