काहिरा। मिस्र में विद्रोह की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर शनिवार को मौजूदा सरकार के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम 29 लोग मारे गए हैं।
दरअसल, 25 जनवरी 2011 को मिस्र में तत्कालीन राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ शुरू हुए जन आंदोलन ने दशकों से चली आ रही मुबारक की हुकूमत का ख़ात्मा कर दिया था। क्रांति की शुरुआत की तीसरी सालगिरह पर सेना समर्थित मौजूदा सरकार और अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के समर्थन वाले संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड दोनों ने रैली करने का फ़ैसला किया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अहमद कामिल में बताया कि शनिवार को सुरक्षा बलों और सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों के बीच हुई झड़प में 29 लोग मारे गए हैं। राजधानी क़ाहिरा में सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं जबकि 167 लोग घायल हुए हैं।
मुस्लिम ब्रदरहुड ने सरकार विरोधी प्रदर्शन के लिए शहरों के अनुसार दोपहर की नज़ाम के लिए 30 केंद्र निर्धारित किए थे। लेकिन सुरक्षाबलों ने ज्यादातर जगहों पर सरकार विरोध प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया।
सरकार विरोध रैली में हिस्सा लेने वाले छात्र नूर मुस्तफा ने बताया कि उन्हें हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हवा में गोलियां भी चलायीं। पुलिस ने काहिरा में शनिवार को रैली के दौरान 139 ब्रदरहुड सदस्यों को गिरफ्तार भी किया।
आगे देखिए: रैली के दौरान हुई हिंसा की कुछ और तस्वीरें