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डाउनलोड करेंइस्लामाबाद। गुरूवार को सुप्रीमकोर्ट ने पूर्व फौजी तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस तस्सदुक जिलानी की अध्यक्षता वाली चौदह जजों की पीठ ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दी कि पुनर्विचार याचिका उचित कारणों पर आधारित नहीं है। याचिका में जो दलीलें दी गई हैं वे इस मामले पर लागू नहीं होती।
इससे पहले जनरल मुशर्रफ के एडवोकेट शरीफुद्दीन पीरजादा ने कहा कि देश में असंवैधानिक कदम पहले भी उठाये गए है। पीरजादा ने अपनी दलील के पक्ष में कनाडा तथा भारत का भी हवाला दिया जहां पहले आपातकाल लागू किए गए थे।
गौरतलब है, मुशर्रफ ने 2007 में लागू किए गए आपातकाल के संबंध में द्वारा 31 जुलाई 2009 को दिए गए आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत की 14 सदस्यीय पीठ ने 3 नवंबर 2007 के आपातकाल लागू करने संबंधी मुशर्रफ के आदेश को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था।
दूसरी ओर मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह की सुनवाई कर रही स्पेशल कोर्ट में अभियोजक अकरम शेख ने मुशर्रफ के मेडिकल प्रमाण पत्र को कागज का एक टुकड़ा बताया। शेख ने कहा कि रिपोर्ट में कोर्ट के सवालों के जवाब भी नहीं दिए गए हैं।
अभियोजक की दलील पर 3 सदस्यीय पीठ के अध्यक्ष न्यायाधीश फैजल अरब ने कहा कि एएफआईसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्था है।
लेकिन अभियोजक ने कहा कि मुशर्रफ को एएफआईसी 28 दिन के लिए ले जाया गया था लेकिन वहां उनका कोई इलाज नहीं हुआ।
मुशर्रफ के वकील ने कोर्ट से 3 फरवरी तक मामले की सुनवाई टालने की अपील की। इस अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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