काहिरा। मिस्र की राजधानी काहिरा में फुटबॉल प्रशंसकों और पुलिस के बीच हुई झड़प में करीब 40 लोगों की मौत हो गई। जमालेक और एनपी फुटबॉल क्लब के बीच मैच देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में दर्शक स्टेडियम में घुसने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर के उत्तरी-पूर्वी इलाके में स्थित सैन्य स्टेडियम में फुटबॉल मैच के दौरान पुलिस ने प्रशंसकों को रोकने के लिए बैरिकेड्स और कंटीली तारें लगा दी थी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया।
मिस्र के गृह मंत्री ने बताया कि जमालेक फुटबॉल क्लब के समर्थक बिना टिकट खरीदे स्टेडियम में घुसना चाह रहे थे और पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
उन्होंने बताया, "जमालेक क्लब के सैकड़ों समर्थक मैच देखने के लिए एयर डिफेंस स्टेडियम के बाहर इकट्ठा थे। उनके पास टिकट नहीं था और उन्होंने स्टेडियम का गेट तोड़ने की कोशिश की। मजबूरन पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।"
वहीं दूसरी ओर, फुटबॉल क्लब के ऑफिशियल
फेसबुक पेज पर प्रशंसकों ने प्रशासन को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया। प्रशंसकों का कहना है कि स्टेडियम में घुसने का रास्ता बेहद संकरा था, जिस कारण वहां भगदड़ मच गई और बाद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
हिंसा के दौरान भी जारी रहा मैच
पुलिस और प्रशंसकों के बीच हुई हिंसा के दौरान भी स्टेडियम के अंदर मैच जारी रखा गया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। मिस्र सरकार ने अगले नोटिस तक प्रीमियर लीग पर रोक दी है।
2011 में मारे गए थे 72 लोग
2011 में मिस्र के चर्चित विद्रोह के वक्त से ही स्थानीय सुरक्षा बलों और फुटबॉल ग्रुप फैन्स के बीच तनातनी का माहौल रहा है। गौरतलब है कि होस्नी मुबारक को सत्ता से हटाने वाले इस विद्रोह में फुटबॉल प्रशंसकों की भूमिका काफी अहम् थी।
अल्ट्रा व्हाइट नाइट्स नाम से चर्चित जमालेक फुटबॉल ग्रुप के प्रशंसकों और सिक्युरिटी फोर्सेस के बीच पहले भी कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। 2012 में पोर्ट सईद शहर में फुटबॉल प्रशंसकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 72 लोग मारे गए थे।
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