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सिडनी हमला: अकेला नहीं है हमलावर, पत्रकार ने सुनाया कैफे के अंदर का हाल

7 वर्ष पहले
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सिडनी. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में मार्टिन प्‍लेस स्थित लिंड्ट चॉकलेट कैफे में सुसाइड बेल्‍ट पहने एक आतंकी ने सोमवार सुबह (भारतीय समय के अनुसार) जिन लोगों को बंधक बनाया, उसमें दो भारतीय भी शामिल थे। इनमें से एक शख्‍स आईटी कंपनी इंफोसिस में काम करता है। इंफोसिस ने इस बात की पुष्टि की है। दूसरे भारतीय बंधक का नाम पुष्पेंदु घोष है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले भारत के संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा था कि बंधकों में एक भारतीय आईटी प्रोफेशनल के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सरकार भारतीय उच्चायोग के संपर्क में है (हमले से जुड़ा अपडेट पढ़ने के लिए क्लिक करें)उधर, बेल्जियम के खेंट शहर में चार हथियारबंद लोग एक अपार्टमेंट में घुस गए और उन्होंने एक व्यक्ति को बंधक बना लिया है। अभी प्रशासन ने इसे आतंकी घटना नहीं माना है।
इंफोसिस का बयान
इंफोसिस ने अपने बयान में कहा, ‘हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि लिंड्‌ट कैफे के बंधकों में हमारा भी एक कर्मचारी है। हम सिडनी स्थित भारतीय कांसुलेट और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। हमने संबंधित कर्मचारी के परिवार से भी संपर्क किया है और इस कठिन घड़ी में हम उनके साथ हैं। हम सिडनी में अपने अन्य कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी एकत्रित कर रहे हैं।’
अकेला नहीं है हमलावर
ऑस्ट्रेलिया के एक पत्रकार रे हेडली ने लिंड्ट चॉकलेट कैफे में हमलावर द्वारा बंधक बनाए गए लोगों में से एक से फोन पर बात की है। हेडली के अनुसार हमलावर दावा कर रहा है कि घटना को अंजाम देने वाला वह अकेला शख्स नहीं है बल्कि उसके कुछ और भी साथी हैं। हेडली के अनुसार वह जब इस युवा बंधक से बात कर रहे थे तब बैकग्राउंड में उन्हें हमलावर की आवाज सुनाई दे रही थी जो बंधकों को निर्देश दे रहा था। इस बंधक ने हेडली से कुछ देर बात फिर बात करने को कहा हालांकि फिर उससे संपर्क हो नहीं पाया।
हेडली के मुताबिक इस शख्स से जब वह बातचीत कर रहे थे तब इस हमलावर की आवाज भी उन्हें सुनाई दी जो बंधकों को कुछ निर्देश दे रहा था। हेडली के अनुसार उन्होंने जिस बंधक से बातचीत की है वह पूरी तरह सहमा लग रहा था। हेडली ने बताया कि बंदूकधारी हमलावर रेडियो के जरिए उनसे बात करना चाहता था लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। हेडली ने बंधक से कहा, कि वह कोई प्रशिक्षित वार्ताकार नहीं हैं और इसलिए हमलावर से कोई बातचीत नहीं करेंगे।
गले पर अंगूठा रखे महिला के फुटेज ने बढ़ाई चिंता
लिंड्‌ट चॉकलेट कैफे बंधक प्रकरण में सामने आए एक वीडियो फुटेज ने सिडनी पुलिस के साथ ही लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। फुटेज में एक महिला अपने गले पर अंगूठा फेरती नजर आ रही है। इससे कैफे के भीतर हिंसा की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, चैनल नाइन नेटवर्क ने कहा है कि हमलावर ने ही महिला से ऐसा करने को कहा होगा ताकि बाहर लोगों में दहशत फैलाई जा सके। फुटेज के अनुसार हमलावर दर्जनों लोगों को धमका रहा है कि वे हाथ ऊपर उठाकर कैफे की खिड़की पर आकर खड़े हो जाएं।
महिला को थमाया झंडा
हमलावर ने एक महिला को धमकाते हुए उसे खिड़की के पास झंडा फहराने को कहा। ब्रिटिश अखबार डेली मेल के मुताबिक यह फ्लैग सीरिया के विद्रोही संगठन जबात अल नुसरा का है जो देश के राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ जंग छेड़े हुए है।
वेटर ने भी देखा हमलावर
लिंड्‌ट चॉकलेट कैफे में काम करने वाले वेटर ब्रूनो बाल-बाल बचा गए। जब वह ड्यूटी पर पहुंचे तो कैफे का मुख्य दरवाजा बंद देखा। ब्रूनो के लिए यह चौंकाने वाली घटना थी क्योंकि यह कैफे ग्राहकों से भरे रहने का वक्‍त था। ब्रूनो को शक हुआ। इसी बीच उसे पुलिस तुरंत वहां से ले गई। ब्रूनो ने बताया कि कैफे में कितने लोग हैं यह बता पाना संभव नहीं है। उसने बताया कि एक आदमी वहां खड़ा होकर कुछ बोल रहा था, जबकि बाकी लोग बैठे हुए हैं। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और वहां मौजूद लोग हाथ उठाकर खिड़की के पास खड़े हो गए। हालांकि ब्रूनो इस बात की जानकारी नहीं दे पाए कि हमलावर के पास किसी प्रकार का कोई हथियार है या नहीं।