कंचनबुरी (थाईलैंड)। थाई अधिकारियों को कंचनबुरी प्रांत के बौद्ध मंदिर में बाघों के साथ किसी तरह के बुरे बर्ताव का सबूत नहीं मिला। गुरुवार लगभग 50 अधिकारियों व सैनिकों का एक दल लगभग तीन घंटे की जांच के बाद इस नतीजे पर पहुंचा। गौरतलब है कि कंचनबुरी में दुनिया का एकमात्र 'बाघों का मंदिर' है। जिसे 'Wat Pa Luang Ta Bua' नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर विदेशी पर्यटकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र है।
थाईलैंड नेशनल पार्क डिपार्टमेंट और वाइल्डलाइफ एंड प्लांट कंजर्वेशन के अधिकारियों ने जांच में पाया कि मंदिर में 143 बंगाल टाइगर रह रहे हैं। सभी का स्वास्थ्य भी बिल्कुल ठीक है। बता दें कि इस मंदिर में सौ से ज्यादा बौद्ध भिक्षु निवास करते हैं। बाघों के बच्चे इन्हीं भिक्षुओं के साथ खेलते हुए बड़े होते हैं। तस्वीरों में बाघ और भिक्षुओं के बीच के उनके प्यार को देखा जा सकता है। बाघ हिंसक न हों, इसलिए उन्हें यहां खास तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।
इस मंदिर की स्थापना 1994 में हुई थी। पहले बाघ का बच्चा यहां 1999 में जन्मा था। उसकी मां शिकारियों के हाथों मारी गई थी। मंदिर दुनियाभर के पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। सैलानी बाघों के साथ गले मिलकर तस्वीरें तक खिंचवाते हैं।
आगे फोटोज में देखें, दुनिया का एकमात्र टाइगर टेंपल...