फोटो: अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोले की हत्या से ऐन पहले की तस्वीर।
वॉशिंगटन। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने
आईएसआईएस (अब इस्लामिक स्टेट) के उस आतंकी की पहचान कर ली है, जिसने दो अमेरिकी पत्रकार और एक ब्रिटिश बंधक का
सिर कलम कर हत्या कर दी थी। एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कॉमे ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि ब्यूरो ने कई हफ्ते ट्रान्स अटलांटिक खुफिया प्रयासों के बाद इस विदेशी आतंकी को आइडेंटिफाई किया गया। फिलहाल, एजेंसी ने आतंकी की पहचान जाहिर नहीं की है। गौरतलब है कि मीडिया में उक्त आतंकी को 'जिहादी जॉन' के तौर पर जाना जाता है।
माना जा रहा है कि '
जिहादी जॉन' उन चार ब्रिटिश जिहादियों में से है, जो सीरिया में '
द बीटल्स' नाम के आतंकी समूह से जुड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इन चारों आतंकियों का काम
इस्लामिक स्टेट की तथाकथित राजधानी रक्का में आईएसआईएस बंधकों की निगरानी करना है।
गौरतलब है कि तीनों बंधकों की हत्या का वीडियो
रक्का की पहाड़ियों पर शूट किया गया था। इन तीनों में एक ही आतंकी पत्रकार
जेम्स फोले,
स्टीवन सोटलॉफ और ब्रिटिश नागरिक
डेविड हैंस की नृशंस हत्या करते दिखाई देता है। इसके अलावा, वो दक्षिणी अंग्रेजी लहजे में बोलता हुआ दिखता है। इस दौरान कैमरे में उसकी केवल आंखें दिखाई पड़ती हैं।
ब्रिटिश विदेश सचिव फिलिप हैमन्ड ने इससे पहले कहा था कि अमेरिकी और ब्रिटिश बंधक की हत्या करने वाले आतंकी की खोजबीन जारी है। उन्होंने अंग्रेजी वेबसाइट सीएनएन को कहा था, "ब्रिटेन इस दिशा में व्यापक अभियान चला रहा है। हम चप्पे-चप्पे पर आतंकी की तलाश कर रहे हैं। लेकिन इस वक्त मैं और कुछ नहीं बता सकता।"
अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत पीटर वेस्टमैकॉट ने हाल ही में खुलासा किया था कि ब्रिटेन आतंकी की पहचान करने में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें वॉयस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर भी शामिल है।
इससे पहले अमेरिकी सांसदों ने नकाबपोश आतंकी की पहचान बताने वाले को 10 मिलियन डॉलर यानी 61 करोड़, 50 लाख से ज्यादा रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि ब्रिटिश खुफिया अधिकारी 'जिहादी जॉन' के सहयोगियों को हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि कुछ जानकारी निकल सके।
ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों ने नकाबपोश आतंकी के परिवारों के घर पर छापेमार कार्रवाई से लेकर उसके दोस्तों तक पहुंचने का फैसला किया है।