बैंकाक. बौद्ध मठ शांति और सद्भावना से जुड़े होते हैं। लेकिन थाइलैंड में एक ऐसी जगह है, जहां आप खुद को नरक के ज्यादा करीब पाएंगे। 'वाट माए काएट नोई' को चिएंग माई सिटी का 'हेल टेम्पल' कहा जाता है। यहां आपको टॉर्चर और घृणा से भरी विचित्र स्टैच्युज देखने को मिलेंगी। मूर्तियों में मिलने वाली सजा जिक्र...
- इस बौद्ध मठ में नरक में मिलने वाली सजाओं को स्टैच्युज के जरिए समझाने की कोशिश की गई है।
- बौद्ध भिक्षु प्रा क्रू विशानजालिकोन को नरक की यातनाओं पर टेम्पल बनाने का आइडिया आया था।
- उन्होंने कहा कि वह लोगों को इन स्टैच्युज से डराना चाहते हैं। इनसे पता चलता है कि पाप करने से क्यों डरना चाहिए।
- यह स्टैच्यु विजिटर्स को मौत के बाद के जीवन के बारे में बताती हैं। बड़े ग्राउंड में दर्जनों स्टैच्युज खून से लथपथ दिखाई देती हैं।
- सभी के नीचे पाप और उसके हिसाब मिलने वाली सजा के बारे में लिखा गया है।
- आज यह टेम्पल बर्थडे, वेडिंग और फ्यूनेरल्स के लिए सबसे पॉपुलर स्पॉट बन गया है।
डराने के लिए साउंड इफेक्ट की मदद
- डर पैदा करने के लिए स्टैच्युज के साथ साउंड इफेक्ट का सहारा लिया जाता था।
- यहां शराब से लेकर ड्रग्स और लालच से लेकर मर्डर हर पाप की सजा के बारे में बताया गया है।
- उदाहरण के लिए चोरी के लिए हाथ काटने की तो सेक्स की अधिकता के लिए सेक्शुअल ऑर्गन काटने की सजा दी जाती है।
- ऑर्गन काटने की सजा ऐसे लोगों के लिए वॉर्निंग है, जो हमेशा व्याभिचार और रेप करते हैं।
- एक अन्य शॉकिंग स्टैच्यु में महिलाएं अपना अबॉर्शन करा रही हैं। यह थाइलैंड में सबसे बड़ा पाप माना जाता है।
एशिया में और भी जगह हैं ऐसे मंदिर
- हेल टेम्पल जैसी हॉरर स्टोरी एशिया के कई हिस्सों साउथ कोरिया, चीन और जापान में मौजूद है। बीजिंग में हेल थीम पर डोंग्ये टेम्पल 1319 में बना था।
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