बीजिंग/नई दिल्ली। तीन दिवसीय भारतीय दौरे के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्वदेश लौट गए हैं। वह ऐसे समय में भारत आए थे, जब दोनों देशों की सीमाओं पर तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
चीनी राष्ट्रपति ने इस विवाद पर कहा कि सीमा रेखा तय न होने के कारण दोनों देशों के बीच यह स्थिति बनी हुई है। चीनी राष्ट्रपति कुछ भी कहें, लेकिन चीनी मीडिया भारत और चीन की दोस्ती को लेकर अति उत्साहित है।
भारतीय मीडिया के इतर चीनी मीडिया ने सिर्फ दोनों देशों के बीच रणनीतिक समझौते, विकास, और व्यापारिक साझेदारी की बात कही है।
चाइना पीपुल्स डेली ने माना है कि एशिया के दो सबसे बड़े देशों ने नए युग की शुरुआत की है। दोनों ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, समान विकास और समृद्धि का वायदा किया है।
मार्च 2013 में चीनी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद जिनपिंग पहली बार भारत आए। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को पश्चिमी देशों और नेताओं ने काफी हवा दे रखी है।
शी ने सलाह दी है कि दोनों पक्षों को इस विवाद को मैत्रीपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए। दोनों पक्षों को सीमा विवाद के चक्कर में संबंध खराब नहीं करना चाहिए। वहीं, भारत के प्रधानमंंत्री
नरेंद्र मोदी ने कहा कि तिब्बत चीन का अंदरूनी मामला है और भारतीय जमीन से चीनी विरोधी प्रदर्शनों की इजाजत नहीं दी जाएगी। शी ने बताया कि भारत-चीन शांति के टि्वन एंकर्स हैं।
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