कैनबरा. हिंद महासागर के मौसम और बदलावों की निगरानी अब रोबोट करेंगे। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इसके लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। इसके तहत समुद्र में गर्म हवाओं के कारण और उनके प्रभाव का पता लगाया जाएगा। इसके लिए ज्यादा सेंसर वाले नए रोबॉटिक बेड़े बायो आर्गो छोड़े जाएंगे। इनसे महासागर में हो रहे बदलावों की भी जानकारी मिलेगी। नए बायो आर्गो बेड़े इसी वर्ष छोड़े जाएंगे।
नए बेड़े में 3,600 आर्गो रोबोट होंगे। समुद्री तापमान और लवणता के सटीक आंकड़े मिलेंगे। हिंद महासागर में कुछ रोबोट पहले से मौजूद हैं। अभी ये सिर्फ रासायनिक व जैविक बदलावों की जानकारी जुटा रहे हैं।
मिलेगी सटीक जानकारी
बायो आर्गो बेड़ों में नए सेंसर लगे हैं, जो पानी में घुली ऑक्सीजन, तापमान, नाइट्रेट, क्लोरोफिल के अलावा कार्बनिक तत्वों की सटीक जानकारी देंगे। हिंद महासागर की जलवायु की जानकारी रियल टाइम में मिलेगी। महासागर के जल स्तर के बढ़ने या घटने का सही आंकड़ा मिलेगा।
योजना से फायदा
हिंद महासागर के आस पास दुनिया की 16 फीसदी आबादी रहती है। रोबोट कोरल रीफ व मछलियों की प्रजातियों में बदलावों की जानकारी देंगे। सतह के नीचे हो रहे बदलावों का पता चलेगा। यह भी पता चलेगा कि महासागर की दुनिया इंसानी गतिविधियों से कैसे प्रभावित हो रही है?
(ऊपर तस्वीर में देखें, कैसे काम करेगा बायो आर्गो)
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