इंटरनेशनल डेस्क. सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौर में भारत ने सितंबर 1939 को जर्मनी के खिलाफ जंग का एलान कर दिया था। इस युद्ध में ब्रिटेन की ओर से भारत के करीब दो लाख सैनिक थे। ये अफ्रीका, यूरोप और एशिया में अलग-अलग मोर्चों पर लड़े थे। कहां-कहां लड़ी इंडियन आर्मी...
- इथिओपिया में इटली की सेना के खिलाफ।
- मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया में इटली और जर्मन फौजों के खिलाफ।
- मलाया में जापान के खिलाफ।
वर्ल्ड वॉर में क्यों शामिल हुआ भारत?
भारत के ज्यादातर प्रॉविन्स, बांग्लादेश, पाकिस्तान और म्यांमार पर ब्रिटेन की हुकूमत थी। इस वजह से पूरा रीजन वर्ल्ड वॉर में शामिल हो गया। वहीं, भारत के कई राजाओं ने नाजी और फासीवादी ताकत से लड़ने के लिए सरकार को चंदा दिया था।
फरवरी क्यों खास?
फरवरी 1945 में सेकंड वर्ल्ड वॉर के तीन हीरो ब्रिटिश पीएम विंस्टन चर्चिल, यूएस प्रेसिडेंट फ्रेंकलिन रूजवेल्ट और सोवियत यूनियन लीडर जोसफ स्टालिन ने याल्टा में कॉन्फ्रेंस की थी। इस मीटिंग में पूरी तरह बर्बाद हो चुके यूरोप को दोबारा बनाने पर चर्चा की गई थी।
एक नजर में सेकंड वर्ल्ड वॉर?
- एक सितंबर, 1939 को जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने पोलैंड पर हमला कर जंग का एलान किया था।
- उसके साथ इटली, जापान, हंगरी, रोमानिया और बुल्गारिया थे।
- दूसरी ओर, अमेरिका, सोवियत यूनियन, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, पोलैंड, यूगोस्लाविया, ब्राजील, ग्रीस, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नार्वे, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको, चेकोस्लोवाकिया और मंगोलिया की सेना खड़ी थी।
- छह साल चले इस युद्ध में दोनों ओर से 2 करोड़ 40 लाख सिर्फ सैनिक ही मारे गए। चार करोड़ 90 लाख नागरिकों ने जान गंवाई।
- अमेरिका और सहयोगी देशों से छह करोड़ दस लाख और जर्मनी खेमे से एक करोड़ बीस लाख लोग मारे गए।
- अमेरिका ने छह और नौ अगस्त 1945 को जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए।
- 15 अगस्त 1945 को जापान के शासक हिरोहितो रेडियो जापान के सरेंडर का एलान किया।
- इसके बाद दो सितंबर 1945 को जापान ने अमेरिका के सामने संरेडर कर दिया। इसके साथ वर्ल्ड वॉर का अंत हो गया।
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