बेरूत। आतंकी संगठन आईएस ने दावा किया था कि उसके ठिकाने पर जॉर्डन के हवाई हमलों में अमेरिकी बंधक कायला म्युलर मारी गई। जॉर्डन ने शनिवार को कहा कि यह दावा इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का 'आपराधिक प्रचार' है। म्युलर (26) राहत कार्यकर्ता थीं और भारत,
इजरायल, फिलिस्तीन में काम करने के बाद सीरिया पहुंची थीं। आतंकियों की वेबसाइट पर कहा गया था, 'हमले में उनका कोई लड़ाका घायल तक नहीं हुआ केवल अमेरिकी बंधक मारी गई।'
अलबत्ता, उसके माता-पिता ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि वह अभी जीवित है।' उन्होंने आतंकियों से अपील की है कि कायला की सुरक्षित वापसी के लिए वे उनसे संपर्क करें। उधर, जॉर्डन के पायलट को जिंदा जलाए जाने के खिलाफ शुक्रवार को जॉर्डन में आतंकियों के खिलाफ रैली निकाली गई। जॉर्डन की महारानी रानिया ने इसका नेतृत्व किया। जुमे की नमाज के बाद इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी देश के झंडे तथा पायलट कसास्बेह की फोटो लिए हुए थे। वे 'हत्या का बदला लेंगे' जैसे नारे लगा रहे थे।
जॉर्डन सेना की मदद के लिए यूएई भेजेगा लड़ाकू विमान
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ कार्रवाई कर रहे जॉर्डन सेना की मदद के लिए संयुक्त अरब अमीरात अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों भेजेगा। सूत्रों ने मिली जानकारी के मुताबिक, जॉर्डन की तरफ से सीरिया में आईएस आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में अब यूएई की सेना भी शामिल होगी। उन्होंने बताया कि जॉर्डन की आईएस के खिलाफ कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही। जॉर्डन की सेना ने सीरिया के रागा शहर स्थित आईएस के ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। गौरतलब है कि जॉर्डन ने अपने पायलट कास्सेबह की हुई हत्या के बाद सीरिया में आईएस चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।